कक्षाएं बंद, जमा हुए परीक्षा फार्म

Pilibhit Updated Fri, 09 Nov 2012 12:00 PM IST
पीलीभीत। उपाधि कॉलेज की अनिश्चितकालीन बंदी से भले ही कॉलेज प्रशासन पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा हो, मगर शिक्षण कार्य काफी हद तक प्रभावित हुआ है। कॉलेज में दूसरे दिन केवल विश्वविद्यालय परीक्षा के फार्मों का कार्य होता रहा। कॉलेज प्रशासन के इस फैसले से नाखुश छात्रनेता लगातार छींटाकशी कस रहे है। प्राचार्य का कहना है कि अगर इस समय कॉलेज बंद नहीं करते तो यहां पर कोई हिंसात्मक घटना घट जाती।
बीते दिवस उपाधि कॉलेज में स्नातक स्तर पर प्रवेश प्रक्रिया की सूची चस्पा करने को लेकर प्राचार्य डॉ. पीके सिंह से छात्रनेताओं की कहासुनी हो गई थी। पूरे दिन तक चले इस घटनाक्रम में छात्रों को अंतत: सूची नहीं मिली। कॉलेज प्रशासन ने यह कहते हुए कि महाविद्यालय में अराजक तत्वों का प्रवेश और दबाव बढ़ने की बात को कहकर अनिश्चितकालीन के लिए बंद कर दिया जाएं। इस पर प्राचार्य डॉ. पीके सिंह ने अग्रिम आदेशों तक कॉलेज को बंद कर दिया। वहीं फार्म जमा करने को आ रहे प्राइवेट अभ्यर्थियों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। मगर कुछ विद्यार्थियों ने परीक्षा फार्म जमा करने के बाद ही वापस लौटे।

बंदी खिलाफ कचहरी पहुंचे सछास कार्यकर्ता
सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
पीलीभीत। उपाधि कॉलेज की अनिश्चितकालीन बंदी के खिलाफ समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ता भड़क उठे। बृहस्पतिवार को सदास के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ता कचहरी पहुंचे। कॉलेज के प्राचार्य पीके सिंह पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. एमएम खान को ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से कॉलेज खुलवाने की मांग की।
जिलाध्यक्ष राशिद अल्वी ने कहा कि प्राचार्य कॉलेज को बंद करके सपा सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। छात्रसंघ चुनाव की घोषणा पर महाविद्यालय प्रशासन आनाकानी कर रहा है। उन्होंने कहा जिला प्रशासन से कॉलेज खुलवाने की मांग की है। शिष्टमंडल में जौहर अब्बास, शोभित पांडेय, आशीष चौधरी, अनुज गौड़, प्रशांत शर्मा, शैलेंद्र सिंह गंगवार, शानू पांडेय, दिलशाद हुसैन, नफीस अहमद, आनंद चौधरी, हरगोविंद गंगवार आदि थे।

छात्र नेता बोले
छात्रों की आवाज दबाना चाहते है प्राचार्य
उपाधि कॉलेज 11 से 18 तारीख तक अवकाश की वजह से बंद होना था। महाविद्यालय प्रशासन ड्यूटी करने से बचना चाहता है। तभी चार दिन पहले महाविद्यालय बंद कर दिया है। कॉलेज प्रशासन का यह निर्णय गलत है। प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से शिकायत की जाएगी।
- राशिद अल्वी, जिलाध्यक्ष सछास।
छात्रसंघ चुनाव कराने के नाम पर महाविद्यालय लगातार छात्रनेताओं को बरगला रहा है। प्राचार्य को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। कॉलेज के शिक्षक भी छात्रनेताओं के खिलाफ गोटें बिछा रहे है। उनके मंसूबे कामयाब नहीं होने दिए जाएंगे।
- मुनेंद्र पाल सक्सेना, जिलाध्यक्ष एनएसयूआई
छात्रों की समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी को एक माह पहले ज्ञापन दिया गया था। सिटी मजिस्ट्रेट से अनुमति लेने के बाद भी छात्रनेताओं को बिना पत्र लिए लौटा दिया गया। प्राचार्य कॉलेज के छात्रों की समस्याओं को दूर करने के बजाया स्वयं राजनीति कर रहे है।
- विकास सिंह चौहान, राष्ट्रीय अध्यक्ष भाछपा
वर्जन.............
छात्रनेताओं ने कॉलेज का माहौल खराब करने में लगे हुए है। डीएम और एसपी से मिलकर समस्या को बताया जाएगा। अगर बुधवार को कॉलेज बंद नहीं करते तो कोई अप्रिय घटना घट सकती थी। छात्रसंघ चुनाव कराने के जो भी निर्देश होंगे उसका पालन कराया जाएगा। छात्रनेता कॉलेज के हर मामले को राजनैतिक तूल देते हैं।
- डॉ पीके सिंह, प्राचार्य उपाधि कालेज

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