17 वर्ष बाद भी स्वीकृत विषयों की पढ़ाई नहीं

Pilibhit Updated Thu, 25 Oct 2012 12:00 PM IST
बीसलपुर। उच्चशिक्षा विभाग की अनदेखी के चलते राजकीय महाविद्यालय में नवस्वीकृत विषयों की मान्यता आज तक नहीं मिल पाई है, जिससे विद्यार्थियों को दिक्कत हो रही है।
मालूम हो कि 12 जुलाई 1996 को प्रदेश के तत्कालीन उच्चशिक्षा सचिव रायसिंह ने यहां के राजकीय महाविद्यालय में विज्ञान संकाय भवन के शिलान्यास समारोह में क्षेत्रीय जनता के अनुरोध पर महाविद्यालय में स्नातक स्तर पर गृह विज्ञान, चित्रकला, भूगोल, मनोविज्ञान, सैन्य विज्ञान और संगीत आदि विषयों की कक्षाएं खुलवाने की घोषणा की थी। इस घोषणा से विद्यार्थियों और अभिभावकों में हर्ष की लहर दौड़ गई थी। उसके बाद उच्चशिक्षा सचिव के निर्देश पर इस महाविद्यालय में स्नातक स्तर पर ये विषय स्वीकृत भी हो गए थे, लेकिन इन नव स्वीकृत विषयों के लिए आज तक प्राध्यापक तैनात नहीं किए गए, न ही पाठ्यक्रम आया। नतीजतन इन विषयों का संचालन नहीं हो पाया। ऐसी विपरीत परिस्थितियों में इच्छुक विद्यार्थियाें को इन विषयों के पढ़ने के लिए बाहर जाना पड़ता है। इस बीच जागरूक विद्यार्थियों और अभिभावकों ने उच्चशिक्षा विभाग के अधिकारियों का इस ओर कई बार ध्यान आकर्षित कराया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे विद्यार्थियों, अभिभावकों मेें रोष है। इस बाबत प्राचार्य डॉ एनबी खान ने बताया कि इन विषयों की महाविद्यालय के पास स्थायी संबद्धता है, लेकिन इन विषयों के प्राध्यापक नियुक्त न होने और पाठ्यक्रम न आने के कारण मामला अधर में लटका हुआ है।

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