शिशु मृत्युदर को रोकेगा बाल संरक्षण कार्यक्रम

Pilibhit Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
पीलीभीत। एनआरएचएम में योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए सरकार भले ही धन को पानी की तरह बहा रही हो, लेकिन उसका मकसद समाज में चिकित्सा सुविधाओं का सुदृढ़ करना है। इसी तर्ज पर लगातार बढ़ रही शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए चिकित्सकों का पैनल ट्रेनिंग के लिए लखनऊ रवाना हुआ है। यह पैनल ट्रेनिंग से लौटने के बाद चिकित्सकों, एएनएम और आशाओं को प्रशिक्षित करेगा।
शिशु मृत्यु दर रोकने केे लिए जिले में जल्द ही समेकित बाल संरक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा। लखनऊ के केजीएमसी में स्थापित न्यू बार्न केयर यूनिट का प्रशिक्षण पैनल टीम को दिया जाएगा। जिससे जन्म के समय अक्सर बच्चों को सांस लेने के दिक्कतें आती है। ऐसे में सरकारी चिकित्सा व्यवस्था प्राइवेट चिकित्सकों पर ही निर्भर है। योजना के तहत में न्यू बार्न केयर यूनिट खोलने का भी प्रस्ताव है। फिलहाल, ट्रेनिंग के लिए माधोटांडा के डॉ मुहम्मद असलम के नेतृत्व में चिकित्सकों को भेजा गया है। यह पैनल प्रशिक्षित होकर यहां के बाल रोग विशेषज्ञ, एएनएम और आशाओं का प्रशिक्षण देगा। प्रदेश स्तर पर केवल केजीएमसी लखनऊ को ही प्रशिक्षण केंद्र बनाया गया है। प्रदेश के सभी जिलों में इस योजना का क्रियान्वयन होना है। फिलहाल, शासन से अभी और गाइड लाइन आने का इंतजार विभागीय अधिकारी कर रहे है।
शासन की मंशा शिशु मृत्युदर को कम करने की है। पैनल टीम को भेज दिया गया है। शासन की गाइड लाइन आते ही कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा।
- डॉ राकेश तिवारी, सीएमओ

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