तीन पुलों पर अभी भी है बाढ़ का पानी

Pilibhit Updated Tue, 25 Sep 2012 12:00 PM IST
बीसलपुर। गांव ईटारोड़ा के पास अमेड़ी नदी के पुल, गांव रंभोजा के पास माला नदी के पुल और गांव गंझाड़ा के पास माला नदी के पुल पर अभी भी काफी ऊंचाई में बाढ़ का पानी बह रहा है। इससे इन पुलों का यातायात बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। कुछ साहसी लोग तो जान जोखिम में डालकर इन पुलों से निकल जाते हैं लेकिन आम आदमी नहीं निकल पा रहा है। इन पुलों से निकास बाधित होने के कारण आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों की दिनचर्या अस्त व्यस्त हो रही है।
विद्यालय परिसर में एक सप्ताह बाद भी बाढ़ का पानीे
बीसलपुर। गांव बढ़ेपुरा घारम में एक सप्ताह पूर्व बाढ़ आई थी। बाढ़ का काफी पानी तो उतर गया है लेकिन प्राथमिक विद्यालय के चारों ओर अभी भी काफी पानी भरा हुआ है। पानी भरा होने से विद्यालय में एक सप्ताह से शिक्षण ठप है। विद्यालय में ताले पड़े हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। यदि पंपिंग सेट के माध्यम से विद्यालय परिसर में भरा पानी निकाल दिया जाए तो इस समस्या का समाधान हो सकता है। बेसिक शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने इस ओर अभी तक कोई ध्यान नही दिया है, जिससे ग्रामीणों में रोष है। इस बाबत एबीएसए पीएस राणा ने बताया कि इस समस्या का बहुत जल्द समाधान कराया जाएगा।
बाढ़ प्रभावित सड़कों पर हो गए गड्ढे
बीसलपुर। बाढ़ प्रभापित सड़कों पर गड्ढे हो गए हैं। इससे अब आवागमन को दिक्कत हो रही है। इनमें पीलीभीत रोड पर गांव जसोली के पास, कितनापुर रोड पर रपटुआ नदी के पुल के पास, बीसलपुर पीलीभीत रोड से गांव कासिमपुर जाने वाले मार्ग पर, बीसलपुर खुदागंज रोड से गांव खांडेपुर मार्ग पर, गांव रंपुरा मार्ग पर सहित कई मार्गों पर गड्ढे हो गए हैं।
चैना के तालाब में आया मगरमच्छ
चुर्रासकतपुर। गांव चैना में आया बाढ़ का पानी तो उतर गया है, लेकिन बाढ़ के पानी के साथ आया मगरमच्छ गांव के तालाब में अभी भी है। सोमवार को गांव के कुछ लोगों ने तालाब के किनारे बैठे मगरमच्छ को देखा। जानकारी होने पर तमाम ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों के शोर शराबे पर मगरमच्छ तालाब के भीतर चला गया है। मगरमच्छ के डर से ग्रामीणों ने तालाब में अपने पशुओं को पानी पिलाना और तालाब के किनारे बच्चों को भेजना बंद कर दिया है। मामले की सूचना वन विभाग को दे दी गई है।
शारदा में समाई 50 बीघा फ सल
हजारा। शारदा नदी के भू-कटान में करीब 50 बीघा कृषि भूमि फसल समेत समा गई है। इन दिनों शारदा नदी का जलस्तर भले ही कम है उसके बावजूद राणाप्रतापनगर के मुस्ताक अहमद, विक्रम सिंह, कोमल प्रसाद एवं गौतमनगर के रूदल आदि किसानों की बीते 24 घंटे में 50 बीघा गन्ना समेत भूमि का बजूद मिटाते हुए आगे बढ़ती जा रही है।
बाढ़ के हालातों में धीरे-धीरे हो रहा सुधार
हजारा। बाढ़ का पानी घरों और सड़कों से हटने के बाद सैकड़ों एकड़ गन्ना की फ सल और गड्ढे जलमग्न हैं। ट्रांस क्षेत्र के चंदनगर, बहादुर नगर, लक्ष्मणनगर, सिद्धनगर, नेहरूनगर, मुरैनियां-गांधीनगर, राजीवनगर में घरों और सड़को से पानी निकलने के बाद हालात धीरे धीरे पटरी पर लौटने लगे हैं।
यात्री बसों का संचालन शुरू
हजारा। बाढ़ के कारण ट्रांस क्षेत्र में यात्री बसों का संचालन ठप था किंतु अब पलिया खीरी बस यूनियन द्वारा पुन: कबीरगंज, राणाप्रतापनगर तक बसे चालू करने से लोगों को राहत मिली है।

Spotlight

Most Read

Dehradun

आरटीओ में गोलमाल, जांच शुरू

आरटीओ में गोलमाल, जांच शुरू

21 जनवरी 2018

Related Videos

पीलीभीत पुलिस को हाथ लगी बड़ी सफलता, धर दबोचा ये शातिर गैंग

यूपी के पीलीभीत में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पीलीभीत पुलिस ने कई राज्यों में वाहन चोरी को अंजाम दे रहे एक बड़े गैंग का धर दबोचा है। देखिए ये रिपोर्ट।

11 दिसंबर 2017

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper