बाघ से मुक्ति को आमरण अनशन

Pilibhit Updated Wed, 12 Sep 2012 12:00 PM IST
भारत स्वाभिमान न्यास एवं संघर्ष समिति का आंदोलन
नेताओं समेत कई लोगों ने दिया समर्थन

पूरनपुर। बाघ के आतंक से निजात समेत विभिन्न मांगो को लेकर भारत स्वाभिमान न्यास एवं संघर्ष समिति के चैतन्य देव ने तहसील परिसर में आमरण अनशन शुरू कर दिया। समस्याओं का हल न होने तक आमरण अनशन जारी रखने की चेतावनी दी गई है। अनशन स्थल पहुंचे भाकपा माले, भाकियू नेताओं ने समर्थन दिया।
समर्थकों के साथ तहसील कार्यालय परिसर पहुंचे चैतन्य देव मिश्र ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बाघों को पकड़कर जंगल न भेजने, पीड़ितों को मुआवजा न मिलने, मनमानी बिजली कटौती बंद न होने, कुकिंग गैस की कालाबाजारी न रुकने, गोमती पुल से छोटे वाहनों का संचालन न होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। आमरण अनशन स्थल पर हुई सभा में भाकपा माले नेता अलाउद्दीन शास्त्री, भाकियू नेता जगदेव शुक्ल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य शकुंतला देवी, बजरंग दल के घनेंद्र यादव, वकील सर्वेश गुप्ता, विपिन मिश्रा आदि ने मांगों को जायज बताते हुए समर्थन देने की घोषणा की।
सभा में डा. राजू खान, संजय पांडेय, बंटी त्रिवेदी, युद्धवीर सिंह, भगवान सरन यादव, हरिओम गुप्ता, विपिन मिश्रा, रवि गुप्ता आदि थे। अनशनकारी के वकील सत्य नारायन मिश्र ने बताया कि मांगे पूरी न होने तक आमरण अनशन जारी रहेगा।

Spotlight

Most Read

Madhya Pradesh

MP निकाय चुनाव: कांग्रेस और भाजपा ने जीतीं 9-9 सीटें, एक पर निर्दलीय विजयी

मध्य प्रदेश में 19 नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्ष पद पर हुए चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।

20 जनवरी 2018

Related Videos

पीलीभीत पुलिस को हाथ लगी बड़ी सफलता, धर दबोचा ये शातिर गैंग

यूपी के पीलीभीत में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पीलीभीत पुलिस ने कई राज्यों में वाहन चोरी को अंजाम दे रहे एक बड़े गैंग का धर दबोचा है। देखिए ये रिपोर्ट।

11 दिसंबर 2017

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper