निरक्षरों को साक्षर बनाने की मुहिम

Pilibhit Updated Sun, 02 Sep 2012 12:00 PM IST
350 गांवों में एएलसी खोलने की तैयारी
बाद में पंजीकृत लोगों को दिया जाएगा व्यवसायिक प्रशिक्षण
साक्षर भारत मिशन: पढ़ेगे भी सीखेंगे भी

पीलीभीत। ग्राम पंचायत स्तर पर शिक्षित समाज का ताना बाना साक्षर भारत मिशन से पूरा करने की तैयारी है। इसके लिए एडल्ट लर्निंग सेंटरों (एएलसी) की स्थापना की जा रही है। इन सेंटरों पर पहले निरक्षरों को साक्षर बनाया जाएगा। इसके बाद इन्हें सीधे कक्षा तीन, पांच और आठ की परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा। साथ ही रुचि के अनुसार विभिन्न प्रकार के व्यवसायिक प्रशिक्षण भी दिए जाएंगे।
जिले के 350 गावों में एएलसी की स्थापना की जा रही है। एएलसी पर एक शिक्षा प्रेरक और एक सहायक की नियुक्ति की जानी है। 18 से 35 आयु वर्ग के निरक्षरों को एएलसी पर नियुक्त शिक्षा प्रेरकों और सहायकों की मदद से पहले साक्षर बनाया जाएगा, फिर एक विशेष स्लेबस के माध्यम से उन नव साक्षरों को छह-छह माह के शिक्षण के बाद कक्षा तीन, पांच और आठ की परीक्षा में शामिल किया जाएगा। स्टडी के लिए एलएसी पर लाइब्रेरियों की भी स्थापना की जाएगी। पढ़ाई के साथ ही एएलसी पर पंजीकृत लोगों को उनकी रुचि के अनुसार व्यवसायिक प्रशिक्षण देने की भी व्यवस्था की जाएगी। निरक्षरता का कलंक मिटाने के लिए सरकार की मंशा है कि एएलसी के माध्यम से लोग पढ़ भी सकेंगे और काम भी सीखेंगे। इससे रोजगार का मार्ग भी प्रशस्त होगा।

अब तक यह है स्थिति
निरक्षरता समाप्त करने के लिए 1995 में संपूर्ण साक्षरता अभियान, वर्ष 2000 में उत्तर साक्षरता कार्यक्रम और 2007 से सतत शिक्षा एवं विशेष साक्षरता कार्यक्रम चलाया गया। इतने प्रयासों के बाद जिले की महिला साक्षरता दर 38 और पुरुष साक्षरता दर 59 प्रतिशत हो पाई। इन आंकड़ों को दृष्टिगत रखते हुए सरकार ने जिले में साक्षर भारत मिशन चलाने की तैयारी की।

यह आएगा खर्च
सरकार ने प्रति एएलसी का वार्षिक खर्च 60 हजार रुपये स्वीकृत किया है। इसमें से शिक्षा प्रेरकों व सहायकों के मानदेय और कोर्स व स्टेशनरी पर खर्च होगा। यह धनराशि आधी केंद्र और आधी राज्य सरकार वहन करेगी। शासन से बजट को मंजूरी मिल चुकी है।

इस तरह होगी निगरानी
जिला स्तर पर लोक शिक्षा समिति की साधारण सभा का अध्यक्ष जिला पंचायत अध्यक्ष और सचिव सीडीओ को बनाया गया है। जबकि एक्जीक्यूटिव कमेटी में डीएम अध्यक्ष और सीडीओ सचिव हैं। डीआईओएस, बीएसए, डायट प्राचार्य, जिला कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना अधिकारी डूडा, और जन शिक्षण संस्थान के निदेशक सदस्य बनाए गए हैं। ब्लाक स्तर पर ब्लाक प्रमुख अध्यक्ष और खंड शिक्षा अधिकारी सचिव, ग्राम पंचायत स्तर पर प्रधान अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक सचिव का दायित्व निभाएंगे।

एएलसी चयन का काम पूरा हो चुका है। जल्द ही शिक्षा प्रेरकों व सहायकों की नियुक्तियां कर ली जाएंगी। शासन की मंशा के अनुरूप एएलसी पर पंजीकृत होने वाले लोगों को पहले साक्षर फिर शिक्षित बनाया जाएगा। व्यवसायिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
मनोज कुमार
बीएसए

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