संक्रामक रोगों ने दो दस्तक

Pilibhit Updated Sun, 19 Aug 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
सरकारी और निजी अस्पतालों में बढ़ी रोगियों का भीड़
बाढ़ पीड़ितों को बचाने के इंतजाम भी अधूरे

पीलीभीत। बारिश के साथ उमस भरी गर्मी से जिले में संक्रामक रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। संक्रामक रोगियों की भारी भीड़ जिला अस्पताल के अलावा प्राइवेट अस्पतालों पर उमड़ रही है। बाढ़ पीड़ितों को संक्रामक रोगों से बचाने के लिए सेहत महकमे ने कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं।
बरसात के मौसम में खासतौर पर पेट दर्द, बुखार, उल्टी-दस्त और संक्रामक रोग आई फ्लू, वायरल बुखार और वायरल डायरिया, पीलिया, मलेरिया और दिमागी बुखार समेत कई प्रकार के पनपने लगते हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में वायरल बुखार, डायरिया और आई फ्लू, कामन फ्लू (जुकाम) आदि से ग्रसित रोगियों की भीड़ उमड़ रही है। यही आलम जिले के प्राइवेट अस्पतालों का भी है। जिले का अधिकांश हिस्सा हर साल शारदा, देवहा और खकरा नदी की बाढ़ की चपेट में आ जाता है। इन दिनों शारदा के उफान से हजारा क्षेत्र के नहरोसा, कंबोजनगर, राणाप्रताप नगर समेत कई गांव जलमग्न हैं। पानी घटने और बढ़ने के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों में संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बढ़ जाती है। कई बाढ़ प्रभावित गांवों में लोग उल्टी, दस्त और बुखार से पीड़ित हैं, लेकिन इनके नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य महकमे ने कोई तैयारियां नहीं की हैं। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में बाढ़ चौकियां तो स्थापित की हैं। इन चौकियों पर सेहत महकमे ने संक्रामक रोगों से निपटने की कोई व्यवस्था नहीं की है। इस संबंध में सीएमओ डॉ राकेश तिवारी से पूछने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने सेलफोन की काल डिसकनेक्ट कर दी।

बिलसंडा में वायरल मलेरिया रोगी बढ़े

बिलसंडा। वायरल और मलेरिया फीवर से पीड़ित मरीजों की संख्या में हर रोज इजाफा हो रहा है। क्षेत्र का ऐसा कोई गांव नहीं है जिसमें दर्जनों की तादात में लोग इस रोग से पीड़ित न हाें। अस्पताल में हर रोज 300 सौ से 400 सौ बुखार से पीड़ित मरीज दवा लेने पहुंच रहे हैं तमाम मरीज गांव के ही झोलाछाप से इलाज कराने को मजबूर हैं। पीड़ितों का कहना है कि पहले ठंड लगकर बुखार आता है और शरीर में ऐंठन शुरू हो जाती है। यह बुखार आठ से दस दिन तक रहता है। सीएचसी अधीक्षक डॉ सीएम चतुर्वेदी का कहना है कि यह वायरल और मलेरिया फीवर गंदगी और बदलते मौसम के कारण फैल रहा है। इसके बचाव के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है।

वायरल फीवर से बचाव के उपाय
-----------------------
1. मकान के आसपास गंदगी न फैलने दें
2. जलभराव न होने दें
3. मच्छर दानी लगाकर सोएं
4. असर दिखाई देने पर पैरासीटामाल टेबलेट खाएं

डायरिया से बचाव के उपाय
1. कटे हुए फल न खाएं
2. बांसी भोजन न करें
3. पानी उबाल कर पिएं
4. खुले में शौच न करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Varanasi

बनारस में विक्षिप्त महिला की सिर कूचकर हत्या

बनारस में बुधवार को एक 50 वर्षीय विक्षिप्त महिला का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव मिलने की जानकारी पर पुलिस मौके पर पहंची।

23 मई 2018

Related Videos

गन्ना किसानों पर मेनका गांधी का वीडियो वायरल होने के बाद बवाल, अब दी ये सफाई

सोशल मीडिया पर पीलीभीत सांसद मेनका गांधी का गन्ना किसानों को लेकर एक वीडियो वायरल होने के बाद बवाल हो गया। विरोधी उनपर जमकर निशाना साधने लगे। इसके बाद मेनका गांधी ने सफाई दी।

17 मई 2018

आज का मुद्दा
View more polls

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen