तीन महीने के भीतर तीसरे बाघ की मौत

Pilibhit Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST
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हरदोई ब्रांच नहर में मिला बाघ का शव
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कोई डूबने से मौत बता रहा तो कोई आखेट से
पूरनपुर/पीलीभीत। जिले में एक और बाघ की जान चली गई। इस बार पूरनपुर से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर हरदोई ब्रांच नहर में बाघ का शव मिला। इस नर बाघ की आयु करीब छह वर्ष बताई जा रही है। तीन महीने के भीतर बाघ की मौत का तीसरा मामला सामने आने से वन महकमे में हड़कंप मचा है। वन अफसरों में बाघ की मौत के कारणों को लेकर एकराय नहीं है। डीएफओ जहां इस नहर में गिरकर डूबने से मौत बता रहे हैं वहीं मुख्य वन संरक्षक के अनुसार बाघ तैरने में माहिर होता है। उसके डूबकर मरने की संभावना कम है। वह इसे आखेट का परिणाम बता रहे हैं। बाघ के सभी महत्वपूर्ण अंग सुरक्षित हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भारतीय पशु चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), बरेली भेजा गया है।
रविवार को पूरनपुर के घुंघचाई इलाके से दो किलोमीटर दूर दनदौल पुल के पास एक ग्रामीण को हरदोई ब्रांच नहर में बाघ का शव दिखा। यह इलाका सामाजिक वानिकी क्षेत्र का है। देखते ही देखते ग्रामीणों का हुजूम वहां आ जुटा। डीएफओ मनोज सोनकर और एक्सपर्ट भी मौके पर पहुंच गए। दियोरिया रेंज के रेंजर गिरीश चंद्र सानवाल, बराही के रेंजर वेदराम, सामाजिक वानिकी के डिप्टी रेंजर एसके वर्मा भी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बाघ का शव देखने को उमड़ी लोगों की भारी भीड़ को हटाने को पुलिस और वनकर्मियों को कई बार मशक्कत करनी पड़ी। पलिया से आए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ को-आर्डीनेटर मुदित गुप्ता, सहायक परियोजना अधिकारी कन्हई लाल, टरक्वाइज वाइल्ड लाइफ कन्जर्वेशन सोसायटी के अख्तर मियां आदि ने टीम के साथ पहुंचकर बाघ के शव की जानकारी की। वन अधिकारियों ने कर्मचारियों की मदद से बाघ का शव नहर से बाहर निकाला गया। डीएफओ के मुताबिक बाघ के शरीर के समस्त अंग दांत, नाखून, मूछ के बाल आदि सुरक्षित हैं। बाघ के शरीर पर चोट का भी कोई निशान नहीं मिला।
बाघ की मौत को लेकर अफसर एकमत नहीं
मुख्य वन संरक्षक रूपकडे मामले को गंभीर मानते हुए आखेट की संभावना जताते हैं, जबकि डीएफओ मनोज सोनकर इस बात पर जोर देते रहे कि बाइफरकेशन से निकली इस नहर के पानी का वेग तेज है। बाइफरकेशन के फाटक खुले हैं, इसलिए संभव है बाघ उत्तराखंड से बहकर आया हो। यह शिकार नहीं हो सकता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट बाद ही कुछ कहा जा सकता है। दूसरी तरफ मुख्य वन संरक्षक का मानना था कि मौत महज 4-6 घंटे पहले ही हुई है, इसलिए कुछ किलोमीटर पहले ही वह नहर में गिरा या गिराया गया होगा। उन्होंने डीएफओ को मौके की वीडियोग्राफी कराने, पोस्टमार्टम और डीएनए टेस्ट के भी निर्देश दिए हैं।

हरीपुर, बराही जंगल में भी मिल चुके है बाघ के शव
पूरनपुर। बाघों के शव इससे पहले हरीपुर और बराही रेंज में मिल चुके हैं। मालूम हो कि करीब तीन माह पहले हरीपुर रेंज में 24 घंटे के अंतराल पर दो बाघों के शव पाए गए थे। बाघों को जहर देकर मारने के आरोप में कुछ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसके अलावा करीब पांच साल पहले बराही और हरीपुर रेंज की सीमा पर नवदिया कोठी के समीप भी बाघ का सड़ा-गला शव मिला था। करीब छह साल पहले रिछौला क्षेत्र के जंगल में भी बाघ का शव मिला था।
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