विज्ञापन

रिमझिम फुहारों के बीच मौसम गुलजार

Pilibhit Updated Wed, 04 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
पीलीभीत। आखिरकार लंबे इंतजार के बाद मंगलवार की सुबह मौसम ने करवट बदली। ठंडी हवाओं के साथ आसमान पर छाई काली घटाओ ने रिमझिम फुहारों की सौगात देकर भीषण गर्मी और उमस से बेहाल जनजीवन को काफी राहत पहुंचाई। आज हुई बूंदाबांदी कृषि कार्य विशेषकर धान की रोपाई के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुई, मगर मानसून के इंतजार में आसमान पर टकटकी लगाए किसानों के चेहरे अगले कुछ दिनों में झमाझम बरसात होने की उम्मीद में खिल उठे हैं।
विज्ञापन
पिछले दो माह से गर्मी का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा था। यही नहीं, बिजली कटौती ने गर्मी से परेशान लोगों को और बेहाल कर दिया। हालांकि, इस बीच कई बार आसमान पर बादलों की घनी चादर छाई और बारिश के आसार बने, मगर हवाओं के तेज थपेड़े बादलों को उड़ा ले गए। आज सुबह भी लोग शो कर बाहर निकले तो उन्हें सुहावना मौसम स्वागत को तत्पर मिला।
बादलों की मोटी परत ने सुबह से सूरज की किरणों को जमीन पर पसरने का मौका नहीं दिया। हवा भी ठंडी और नम होने से मौसम काफी खुशगवार हो गया। धूप नहीं खिलने से रोज की तरह गर्मी ने भी नहीं सताया। रिमझिम फुहारों ने तन - मन भिगोया तो बच्चों ने घरों के आंगन में निकल कर भीगना शुरू कर दिया। करीब छह घंटे तक हल्की फुहारों का दौर जारी रहा। अमूमन, बारिश से लोग बचने की कोशिश करते हैं, मगर लंबे इंतजार के बाद मिली कुदरत की इस नेमत को कामकाजी तबके के लोगों ने हाथों - हाथ लिया। शहरी जनजीवन पर कोई फर्क नहीं पड़ा। हां, सड़कों पर थोड़ी फिसलन हो गई, लेकिन ट्रैफिक का दबाव जस का तस रहा।
मौसम में आए इस बदलाव से खेती-किसानी से जुड़ा तबका खरीफ सीजन की फसलें बोने की तैयारी में जुट गया है। खेत अभी सिर्फ भीग पाए हैं, धान की रोपाई के काबिल नहीं हुए। इसके बावजूद किसान मौसम में आए बदलाव को मानसून की आहट मानकर धान की पौध तैयार करने में जुट गए हैं।
2
बारिश का लुत्फ उठाते बच्चे
पीलीभीत। ग्रीष्मावकाश बढ़ने की सूचना बच्चों को न होने के कारण वह दूसरे दिन सुबह स्कूल पहुंच गए। मगर जब छुट्टी का पता चला तो पहली बारिश का लुत्फ उठाते हुए वापस घर लौटे।
बता दें कि सोमवार को भीषण गर्मी के बाद भी विद्यालय खोले गए थे। इस पर अभिभावकों की मांग और भीषण गर्मी के मद्देनजर डीएम राजशेखर ने देर शाम जिले की सभी शिक्षण संस्थाओं में ग्रीष्मावकाश की अवधि सात जुलाई तक बढ़ा दी, जिन बच्चों को छुट्टियां बढ़ने की जानकारी नहीं थी, वे मंगलवार को सुबह बस्ते लेकर साइकिलों से अपने स्कूल जा पहुंचे। वहां स्कूल बंद मिलने पर उन्होंने बारिश थमने का इंतजार करने के बजाय भीगते हुए घरों का रास्ता तय किया। बच्चों में पहली बारिश का खासा क्रेज देखा गया। वह आपस में शरारत करते हुए और कुछ बच्चों के पास छाता होने के बावजूद भी वह भीगते दिखे।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Pilibhit

रटौल में लेनदेन को लेकर संघर्ष, चार घायल

रटौल में लेनदेन को लेकर संघर्ष, चार घायल

17 नवंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

गन्ना किसानों पर मेनका गांधी का वीडियो वायरल होने के बाद बवाल, अब दी ये सफाई

सोशल मीडिया पर पीलीभीत सांसद मेनका गांधी का गन्ना किसानों को लेकर एक वीडियो वायरल होने के बाद बवाल हो गया। विरोधी उनपर जमकर निशाना साधने लगे। इसके बाद मेनका गांधी ने सफाई दी।

17 मई 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree