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वनरक्षक की सरकारी बंदूक-कारतूस लूटे

Pilibhit Updated Thu, 28 Jun 2012 12:00 PM IST
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भैरोकलां वन चौकी पर नकाबपोश बदमाशों का धावा
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दीवार फांदकर घुसे, मोबाइल भी ले गए
वन रक्षक को चारपाई से बांध कर भाग गए
माधोटांडा/शाहगढ़ (पीलीभीत)। माला वन रेंज की भैरोकलां वन चौकी में दीवार फांदकर घुसे चार नकाबपोश बदमाशों ने वनरक्षक करुणानंद पांडेय को बंधक बनाकर सरकारी दोनाली बंदूक, मोबाइल और कारतूस लूट लिए। घटना मंगलवार रात की है। बदमाश वन रक्षक को शोर न मचाने की धमकी देकर उसे चारपाई से बांधकर डाल गए।
थाना माधोटांडा की शाहगढ़ पुलिस चौकी अंतर्गत माला रेंज की भैरोकलां वन चौकी निगोही ब्रांच नहर के किनारे बनी है। चौकी भवन में वनरक्षक करुणानंद पांडेय के अलावा दो वॉचर भी रहते हैं। मंगलवार रात को वॉचर अपने घर भैरोें कलां चले गए थे। वन रक्षक के अनुसार रात करीब बारह बजे के बाद वन चौकी की बाउंड्रीवाल फांदकर घुसे चार नकाबपोश बदमाशों ने कमरे में रखी बारह बोर की बंदूक, छह जीवित कारतूस, मोबाइल लूट लिया। बदमाशों ने उसे चारपाई से बांध दिया। शोर न मचाने की धमकी देकर बदमाश चले गए। बदमाशों के चले जाने के बाद उसने अपने को बमुश्किल बंधनमुक्त किया। फार्मर मंगी सिंह के फार्म पर पहुंचकर उसके मोबाइल से घटना की सूचना अफसरों को दी। मंगलवार सुबह पहुंची पुलिस ने आसपास के इलाके की कांबिंग की, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा। एसपी ने थाने पहुंचकर घटना की जानकारी ली और एसओ सतेंद्र सिंह यादव को शीघ्र घटना के खुलासे के निर्देश दिए। पुलिस ने लूट की रिपोर्ट दर्ज की है।

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बंदूक की तलाश में कांबिंग
डीएफओ ने कमरे का बारीकी से निरीक्षण किया
अमर उजाला नेटवर्क
माधोटांडा (पीलीभीत)। माला रेंज की जंगल चौकी पर वन रक्षक से सरकारी बंदूक लूटने की सूचना पर डीएफओ वीके सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ चौकी के दोनों ओर पांच किलोमीटर के दायरे में कांबिंग करवाई। उन्हें उम्मीद थी कि बदमाश जंगल में बंदूक फेंक गए होंगे, क्योंकि घटना के पीछे दहशत फैलाने का मकसद लगता है। इसी उम्मीद में निगोही ब्रांच को भी बंद करवाया गया।
डीएफओ ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या उन्हें घटना डकैती की नहीं लगती है। वे कई बिंदुओं पर जांच करा रहे हैं। यह भी कि दो वॉचर वन रक्षक के साथ क्यों नहीं थे। उन्होंने जंगल मेें साइकिलों से लकड़ी लाने वाले तीस लोगों को सूचीबद्ध कराया है। उनका आपराधिक इतिहास पता लगाया जा रहा है। संदिग्ध लोगों से भी पूछताछ की जाएगी। उन्होंने वॉचर रामचंद्र से पूछताछ की। वे प्रत्येक बिंदु की जांच कर पांच दिन के अंदर घटना की सत्यता का पता लगा लेंगे।
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पहले भी लूटी जा चुकी हैं वनकर्मियों की बंदूक-राइफल
जिले के जंगलों में पिछले सालों में भी बदमाश सरकारी राइफल और बंदूक लूट चुके हैं, लेकिन वह बाद मेें बरामद हो चुकी हैं। कई साल पहले महोफ रेंज के जंगल में वन रक्षक दीपू और वन दरोगा सियाराम से मलासी पुलिया के निकट बदमाशों ने राइफल और बंदूक लूट ली थी। बाद में इन हथियारों को पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के सुखदासपुर गांव मेें भूसे के गूंगे से बरामद किया गया था। उग्रवाद के दौरान हरीपुर के जंगल से भी वन कर्मियों की दो राइफलें लूटी गई थी। डीएफओ ने बताया कि जंगल में बदमाशों के किसी गैंग की सूचना नहीं है।
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पुलिस पीड़ित वनरक्षक को लेकर रही घूमती
पुलिस ने वनरक्षक से अफसरों और मीडिया के लोगों को घंटों नहीं मिलने दिया। घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस वनरक्षक को साथ लेकर जंगल के अलावा अन्य पुलिस चौकियों में घूमती रही।

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