'My Result Plus

ट्रेनिंग प्रमाणपत्र न देने पर बर्खास्तगी तय

Pilibhit Updated Wed, 20 Jun 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
मृतक आश्रित में हुई थी नियुक्ति
अनुभव प्रमाण पत्र न होने से फंसा पेंच

पीलीभीत। शासनादेश के विपरीत शिक्षा विभाग में नौकरी करने का एक मामला प्रकाश में आया है, हालांकि सूबे के तमाम जनपदों में इस तरह के मामले हैं। इससे जिले में मृतक आश्रित कोटे के चार शिक्षकों पर बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है। विभाग को अनुभव दस्तावेज उपलब्ध न करा पाने के कारण उनकी बर्खास्तगी तय मानी जा रही है। इससे मृतक आश्रित कोटे में तैनात शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।
जिले के विकास खंड मरौरी के प्राथमिक विद्यालय कुठियारत्ते में दीपक कुमार, शिवपुरिया प्राथमिक विद्यालय में जितेंद्र कुमार, पूरनपुर विकास खंड के ग्राम रसूलपुर चपुखरा प्राथमिक विद्यालय में जंगबहादुर और मरौरी विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय भूड़ा विक्रम में मोहित कुमार की नियुक्ति शिक्षक के पद पर मृतक आश्रित कोटे में हुई थी। 27 जुलाई 2011 को शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत नोटीफिकेशन हुआ था। सात नवंबर 2011 को सरकार ने शासनादेश जारी कर कहा था कि मृतक आश्रित कोटे में वही अध्यापक पद का पात्र होगा, जो प्रशिक्षित होगा। चूंकि इन चारों अध्यापकों की नियुक्ति नोटीफिकेशन और शासनादेश जारी होने के बीच चार माह के अंतराल में हुई थी। शासनादेश जारी होने के बाद बीएसए आरके सिंह ने मृतक आश्रित कोटे के तहत नियुक्ति किए गए शिक्षकों को नोटिस देकर प्रशिक्षित प्रमाण पत्र मांगे थे, लेकिन चारों शिक्षक अनुभव प्रमाण पत्र विभाग को उपलब्ध नहीं करा सके। बीएसए आरके सिंह ने बताया कि शिक्षक मोहित कुमार, जंगबहादुर, दीपक कुमार और जितेंद्र कुमार को नोटिस जारी किया था। अनुभव प्रमाण पत्र उपलब्ध न करा पाने के कारण विभागीय नियमों के अनुसार चारों शिक्षकों को बर्खास्त करने की कार्रवाई तेज कर दी गई है।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Madhya Pradesh

10 साल पुराने चक्का जाम केस में कांग्रेस विधायक को कोर्ट ने भेजा जेल

भोपाल में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने राऊ से कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी को 10 साल पुराने चक्का जाम के केस में जेल भेज दिया।

20 अप्रैल 2018

Related Videos

पीलीभीत के नरभक्षी को मिली सजा-ए-मौत

पिछले साल पीलीभीत में छह साल के मासूम की हत्या के मामले में हत्यारे को मौत की सजा दी गई है। हत्यारे ने मासूम की न सिर्फ हत्या की थी बल्कि शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे। मौके पर पहुंचे लोगों ने बताया था कि हत्यारे के मुंह में खून लगा हुआ था।

11 अप्रैल 2018

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen