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पंजीकरण 20 हजार और आवेदन सिर्फ नौ!

Pilibhit Updated Mon, 18 Jun 2012 12:00 PM IST
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पीलीभीत। बहुत शोर सुनते थे पहलू में दिल का, जो चीरा तो एक कतरा-ए-खूं भी न निकला। आतिश लखनवी का यह शेर बेरोजगारी भत्ते के मौजूदा हालात पर एक दम फिट बैठता है। कड़ी मशक्कत के बाद सेवायोजन दफ्तर में 20 हजार पंजीकरण हुए। अर्हता 30 से 40 वर्ष की उम्र तय होने के बाद बेरोजगारों की संख्या सिमट कर 2797 रह गई। औपचारिकताओं का मकड़जाल इतना कि 10 दिन में सिर्फ नौ आवेदन ही हो सके ।
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तीन माह पूर्व इतनी लंबी लाइन शायद ही किसी काम के लिए लगी हो जितनी बेरोजगारी भत्ता पाने को लगीं थीं। सेवायोजन विभाग का दफ्तर छोटा पड़ा तो प्रशासन ने आईटीआई में पंजीकरण की व्यवस्था कराई। कड़ी धूप में सुबह से देर शाम तक लाइन में खड़े होकर बेरोजगार के रूप में पंजीकरण कराने वालों में सिर्फ युवा वर्ग ही नहीं बल्कि अंकल और आंटियों की भी कमी नहीं थी। बच्चों को गोद में लिए महिलाएं धक्का- मुक्की का शिकार भी बनी और धूप की तपिश में चक्कर खाकर गिरने की घटनाओं का सामना भी किया। तब कहीं जाकर 20 हजार बेरोजगार पंजीकृत हो पाए।
प्रदेश सरकार ने बेरोजगारी भत्ता पाने वालों की उम्र जब 30 से 40 वर्ष निर्धारित की तो अर्ह बेरोजगारों की संख्या सिमट कर 2797 पर आ गई। आवेदन की औपचारिकताएं इतनी कठिन कि आवेदन मांगे जाने की तिथि (छह जून) से 16 जून यानी 11 दिन में सिर्फ नौ बेरोजगार ही भत्ता पाने को आवेदन कर पाए। ऐसा इसलिए हुआ कि भत्ते के लिए आवेदन करने पर संलग्न किए जाने वाले आय और निवास प्रमाण पत्र बनवाने में लोगों को पसीना छूट रहा है। तय मानक के अनुसार आवेदक को अपना आय प्रमाण पत्र अधिकतम 36 हजार रुपए वार्षिक और माता-पिता या सास ससुर की 1.5 लाख रुपये वार्षिक आय का प्रमाण पत्र चाहिए। यह दस्तावेज तैयार कराने के लिए लोग तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं। जबकि 30 से 40 वर्ष आयु का मानक पूरा न करने वाले पंजीकृत बेरोजगारों को अब भी सरकार से किसी गुंजाइश की आस है।
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... तो उनसे सिर्फ पांच रुपये अधिक मिलेंगे
सरकार ने बेरोजगारी भत्ते के रूप में एक हजार रुपये मासिक देने का प्रावधान किया है। शर्त यह भी है भत्ता पाने वाले आवेदक को माह में आठ दिन काम करना होगा। बता दें कि मनरेगा के तहत मजदूरों को 120 रुपये प्रतिदिन भुगतान की व्यवस्था है। बेरोजगारी भत्ते के बदले आठ दिन काम करने से शिक्षित बेरोजगारों को 125 रुपये प्रतिदिन का भुगतान होगा। यानी अशिक्षित मजदूरों से सिर्फ पांच रुपये अधिक।
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अब बढ़ जाएगी आवेदकों की संख्या
जिला सेवायोजन अधिकारी पीपी मिश्रा बताते हैं कि बेरोजगारी भत्ता पाने के लिए अभी तक 15 मार्च तक के आवेदकों को अर्ह माना गया था। नए शासनादेश में 15 अप्रैल तक के पंजीकृत बेरोजगारों को भी योजना का लाभ मिलेगा। उनका कहना है कि इससे आवेदकों की संख्या बढ़ जाएगी। आवेदन पत्र के साथ माता पिता व सास-ससुर का आय प्रमाण पत्र लगाने की शर्त शनिवार को शासन ने खत्म कर दी है।
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