विज्ञापन
विज्ञापन

गन्ना किसानों को नहीं मिल रहा भुगतान

Pilibhit Updated Fri, 15 Jun 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
पीलीभीत। सुप्रीम कोर्ट के आदेश बाद भी चीनी मिलें किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नहीं कर रही हैं। विभिन्न चीनी मिलों पर किसानों का 12511.23 लाख रुपये बाकी हैं। भुगतान न होने से परेशान किसान चीनी मिलों और गन्ना समितियों के चक्कर लगा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इन दिनों सहालग का दौर है। किसानों ने अपनी गन्ना उपज बेचते समय यहीं सोचा था कि उसे जून तक तो भुगतान मिल ही जाएगा और वह सहालग में दिल खोलकर खर्च करेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि किसानों के शोर मचाने पर जब चीनी मिल वाले सुप्रीम कोर्ट ने सात मई, सात जून और सात जुलाई को शेष पूरा भुगतान करने को कहा था। सात मई को तो मिलों ने किस्त के रूप में भुगतान कर दिया, लेकिन सात जून को देय किस्त का भुगतान नहीं किया गया। चीनी मिलों द्वारा गन्ना पेराई और भुगतान की स्थिति पर नजर डालें तो सत्र 2011-12 में एलएच चीनी मिल ने 19618.64 लाख रुपए मूल्य की गन्ना पेराई 16406.91 लाख रुपए का किसानों के खातों में भुगतान कर दिया। इसी तरह बजाज चीनी मिल बरखेड़ा ने 3481.40 लाख रुपए का गन्ना पेराई कर 2848.57 लाख रुपए का भुगतान किया। मिल पर किसानों का 3553.01 लाख रुपए अभी बाकी है। पूर्व में गन्ना आयुक्त ने किसानों को आपूर्ति के 14 दिन में गन्ना मूल्य भुगतान की व्यवस्था के निर्देश दिए थे। समय पर किसानों को भुगतान नहीं हुआ। किसान इसके लिए शोर मचाते रहे। इसी बीच कुछ चीनी मिलों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका कर समय मांगा। कोर्ट ने चीनी मिलों की याचिका पर बकाया भुगतान तीन किस्तों में करने के निर्देश दिए।
बाक्स
किस मिल का कितना है बकाया
चीनी मिल स्थान बकाया
एलएच पीलीभीत 3832.31 लाख
बजाज बरखेड़ा 3553.01 लाख
ओसवाल नवाबगंज 8.85 लाख
सहकारी पूरनपुर 1845.81 लाख
सहकारी बीसलपुर 3271.25 लाख
बाक्स
क्या कहते हैं किसान नेता
1
सहालगों में मन मसोस रहे किसान : विनोद गंगवार
14 पीबीटीपी 1
सहकारी गन्ना विकास समिति के अध्यक्ष विनोद गंगवार का कहना है कि किसानों के घरों में शादियां हैं, लेकिन धन के अभाव में वह मन मसोस कर रह जाते हैं। इस समय सिंचाई, खाद और धान की बुवाई की चिंता अलग से है, लेकिन किसानों की इस समस्या की ओर से प्रशासन निश्चिंत है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी पालन नहीं हो रहा है।
2
भुगतान जल्द न हुआ तो आंदोलन : मंजीत
14 पीबीटीपी 2
भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष मंजीत सिंह का कहना है कि किसान हर तरफ से मारा जा रहा है और उसकी सुनने वाला कोई नहीं है। मिलें उसके गन्ने का भुगतान नहीं दे रही हैं, जबकि गेहूं खरीद एजेंसियां भी उसका धन दबाए बैठी हैं। इससे किसान परेशान है। जल्द किसानों का भुगतान न हुआ तो भाकियू विशाल आंदोलन छेड़ देगी।
वर्जन
किसानों का बकाया अदा न होने पर उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। उम्मीद है जल्द ही गन्ना किसानों का बकाया भुगतान मिल जाएगा।
अशर्फीलाल, जिला गन्ना अधिकारी।

Recommended

UP Board Class 10th & 12th 2019 की परीक्षाओं का सबसे तेज परिणाम देखने के लिए रजिस्टर करें।
UP Board 2019

UP Board Class 10th & 12th 2019 की परीक्षाओं का सबसे तेज परिणाम देखने के लिए रजिस्टर करें।

हनुमान जयंती पर नौकरी प्राप्ति, आर्थिक उन्नत्ति, राजनीतिक सफलता एवं शत्रुनाशक हनुमंत अनुष्ठान
ज्योतिष समाधान

हनुमान जयंती पर नौकरी प्राप्ति, आर्थिक उन्नत्ति, राजनीतिक सफलता एवं शत्रुनाशक हनुमंत अनुष्ठान

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
लोकसभा चुनाव - किस सीट पर बदले समीकरण, कहां है दल बदल की सुगबुगाहट, राहुल गाँधी से लेकर नरेंद्र मोदी तक रैलियों का रेला, बयानों की बाढ़, मुद्दों की पड़ताल, लोकसभा चुनाव 2019 से जुड़े हर लाइव अपडेट के लिए पड़ते रहे अमर उजाला चुनाव समाचार।
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Pilibhit

सड़क हादसों में दो की मौत, दो घायल

सड़क हादसों में दो की मौत, दो घायल

18 अप्रैल 2019

विज्ञापन

बुलंदशहर से भाजपा प्रत्याशी भोला सिंह पर चुनाव आयोग सख्त, नोटिस जारी करके मांगा जवाब

बुलंदशहर से भाजपा प्रत्याशी डॉ भोला सिंह को बूथ के अंदर जाकर वोट मांगना भारी पड़ गया। भाजपा प्रत्याशी के बूथ के अंदर जाकर वोट मांगने के कुछ वीडियो वायरल हो रहे थे। जिसके बाद उन्हे नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है।

18 अप्रैल 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election