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ढाई हजार इलेक्ट्रानिक्स मीटर खराब

Pilibhit Updated Sun, 10 Jun 2012 12:00 PM IST
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पीलीभीत। जानकर हैरानी होगी, शहर में करीब ढाई हजार इलेक्ट्रॉनिक मीटर खराब हैं और इन इनफारमेशन डिफेक्टिव मीटर वाले उपभोक्ताओं के यहां मजबूरन न्यूनतम बिल जारी किए जा रहे हैं। महकमा स्टाफ की कमी के कारण खराब मीटरों को नहीं बदलने का रोना रो रहा है। हालांकि विभाग ने इन खराब मीटरों को बदलने के लिए एक निजी कंपनी को ठेका दे दिया है। विभाग का दावा है कि दो माह में सारे खराब मीटरों को बदल दिया जाएगा।
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शहर भर में बिजली उपभोक्ताओं के यहां करीब 40 हजार इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाए थे। हर महीने जारी होने वाले बिजली बिल इन्हीं मीटरों की रीडिंग के आधार पर जारी किए जा रहे हैं, जबकि तकरीबन ढाई हजार उपभोक्ताओं के यहां लगे यह इलेक्ट्रॉनिक मीटर खराब हो चुके हैं। इसके खुलासा तब हुआ, जब स्पॉट बिलिंग के लिए कर्मचारी ने उपभोक्ताओं के मीटरों की नियमित रीडिंग लेनी शुरू की। विभाग के पास ढाई हजार मीटरों की रीडिंग रिपोर्ट ही नहीं आ रही है। लिहाजा इन उपभोक्ताओं के यहां हर महीने न्यूनतम चार्ज ही वसूल किया जा पा रहा है। बताते हैं कि उपभोक्ताओं के यहां खराब मीटर दो माह से लेकर सालभर से खराब हैं। इस समस्या के लिए विभाग स्टाफ की कर्मी को जिम्मेदार है। उसका कहना है कि कर्मचारियों की कमी के कारण यह दिक्कत पैदा हो गई है। हालांकि कुछ देर से ही सही विभाग ने इन खराब मीटरों को बदलने का जिम्मा उठा लिया है और इसके लिए फर्रुखाबाद की एक कंपनी को कांट्रेक्ट भी दे दिया गया है, जो जल्द ही खराब मीटरों को बदलने का काम शुरू कर देगी। विभाग का दावा है कि दो माह के अंदर सभी खराब मीटरों को बदल दिया जाएगा।
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अभी नहीं तो बाद में कटेगी जेब
जिन उपभोक्ताओं के यहां खराब मीटर लगे हैं, वह इस गलतफहमी में न रहे कि वह चाहें जितनी बिजली खर्च कर लें, उन्हें न्यूनतम बिल ही जमा करना होगा। विभाग ने यह रणनीति तैयार की है कि मीटर सही होने के बाद तीन माह तक संबंधित उपभोक्ताओं के मीटर रीडिंग को देखा जाएगा कि उन्होंने कितनी बिजली खर्च की है। इसके बाद उसी आधार पर एक औसत निकाला जाएगा और फिर मीटर खराब रहने वाली अवधि का बकाया निकालकर उसका अग्रिम बिल में समायोजन होगा।
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अभी भी लगे हैं सात सौ पुराने मीटर
एसडीओ मीटर अनुराग कटियार ने बताया कि शहर में अभी भी करीब सात सौ पुराने मैकेनिकल मीटर लगे हैं। यह मीटर उन जगहों पर लगे हैं, जहां घर-दुकानों में काफी समय से ताले लगे हैं। ऐसी जगहों पर भी बराबर निगाह रखी जा रही है कि वहां भी जल्द से जल्द नए इक्लेक्ट्रॉनिक मीटर लगा दिए जाएं।
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घर के बाहर ही लगेंगे मीटर
अब अगर कोई चाहें तो भी बिजली मीटर घर के अंदर नहीं लग सकेगा। विभाग ने यह कदम सख्ती के साथ उठाया है कि अब जहां भी नई जगहों पर मीटर लगाए जाएं, वह घरों के बाहर मेन गेट के पास लगे हों, ताकि उनकी निगरानी और रीडिंग का काम आसानी से हो सके।

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