समितियों का ऋण, माफी के प्रस्ताव में शामिल नहीं

Pilibhit Updated Sat, 09 Jun 2012 12:00 PM IST
पूरनपुर। सहकारी समितियों से लिया गया ऋण माफी के प्रस्ताव में शामिल नहीं किया गया है। विशेष सचिव सहकारिता ने जानकारी सहकारिता विभाग के अफसरों को भेजे पत्र में दी है। ऋण माफी के चक्कर में फंसने वाले किसानों को ब्याज भरना होगा।
सपा सरकार ने किसानों को पचास हजार रुपये तक ऋण माफ की घोषणा की थी। इसको लेकर तमाम कर्जदार ऋण जमा करने को बच रहे है। ताकि कहीं उनका भी ऋण माफ हो जाए। सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) जगदीश गंगवार ने बताया कि सहकारिता में कोई भी ऋण माफ नहीं होगा। इसकी जानकारी विशेष सचिव ने भेजे पत्र में दी है।
उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों का ऋण सरकारी नीति के अंतर्गत ऋण माफी के प्रस्ताव में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि चालू ऋण तीस जून तक जमा करने पर तीन और सात प्रतिशत ब्याज देना होगा। जबकि इसके बाद ऋण अदायगी पर 12.70 प्रतिशत ब्याज के अलावा दस प्रतिशत संग्रह शुल्क के साथ ऋण की वसूली होगी।
उन्होंने बताया कि ऋण माफी में भूमि विकास बैंक में भूमि बंधक के छोटे किसानों के ऋण को शामिल किया गया है। मालूम हो कि सपा सरकार की ऋण माफी की घोषणा को लेकर वसूली पर भारी प्रभाव पड़ रहा है। पिछले साल मई माह तक डिमांड की 65 प्रतिशत वसूली ब्लाक क्षेत्र में की गई थी। एडीओ ने बताया कि इस बार मई माह तक मात्र 47 प्रतिशत वसूली ही हो पाई है।

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