शराब परोसने की तैयारी, विभाग अलर्ट

Pilibhit Updated Fri, 08 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
पीलीभीत। निकाय चुनाव के लिए नामांकन शुरू होने के साथ ही रणभेरी बज गई है। संभावित उम्मीदवारों ने मतदाताओं को लुभाने के लिए दावतों का सहारा लेना शुरू किया है, जिसमें शराब परोसने की संभावनाएं काफी ज्यादा बढ़ गई हैं। इसके मद्देनजर पड़ोसी राज्यों से शराब की तस्करी की आशंका बढ़ गई है। वहीं कच्ची शराब के उत्पादन में इजाफा होने की खबर से अफसरों के कान खड़े हो गए हैं।
विज्ञापन

गुरुवार को अमरिया गांव के पास टैंकर से चालक द्वारा स्प्रिट निकाले जाने के मामले का भंडाफोड़ होने के बाद अफसरों की चिंता दोहरी हो गई है।
बता दें कि कुछ माह पूर्व संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के दौरान शराब तस्करी के मामले सामने आए थे। मतदाताओं को लुभाने के लिए प्रत्याशियों के बीच शराब प्रमुख विकल्प बनकर उभरा है। हालांकि विधानसभा चुनाव में आयोग की सख्ती के आगे ऐसे पार्टियों के आयोजन खुले तौर पर नहीं हो सके थे। इसके पीछे वजह एक और भी थी, कि प्रतिदिन शराब बिक्री की रिपोर्ट भी आयोग ने तलब की थी। लिहाजा अफसरों के अलावा प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में खौफ भी देखा गया था। अब निकाय चुनाव की बेला आ गई है। इस बार चुनाव का आयोग का कोई खास डंडा नहीं है। लिहाजा निकाय चुनाव को लेकर मैदान में उतरे प्रत्याशियों ने वोटरों को रिझाने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
सूत्र बताते हैं कि वोटरों को अपने पाले में करने के लिए कई प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने दावतों की रूपरेखा बनानी शुरू कर दी है। पार्टियों में शराब के परोसे जाने का भी खास इंतजाम किया गया है, क्योंकि इसके बिना दावतों के मजा अधूरा है।
बाक्स
क्यों हैं तस्करी की संभावनाएं
यूपी में एक्साइज ड्यूटी ज्यादा होने की वजह से शराब की एमआरपी पड़ोसी राज्यों से कहीं ज्यादा है। बताते हैं कि यूपी में पांच सौ रुपये की बिकने वाली बोतल के रेट पड़ोसी राज्यों मसलन हरियाणा, दिल्ली आदि में काफी कम हैं। 150 से 200 रुपये तक का अंतर बताया जाता है, जिससे तस्करी की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
बाक्स
नगर पंचायत क्षेत्रों में कच्ची की डिमांड
नगर पालिका क्षेत्रों में अंग्रेजी शराब की डिमांड है, तो नगर पंचायत क्षेत्रों में कच्ची शराब की बड़े पैमाने पर मांग है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि कच्ची शराब का बड़े पैमाने पर उत्पादन करने की तैयारी गांवों में चल रही है। कच्ची में कोई मानक न होने के चलते लोगों के स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसानदेह साबित होती है। तो कुछ मामलों में यूरिया, स्प्रिट आदि के प्रयोग के मामले सामने आ चुके हैं।
बाक्स
निगरानी को लगाई 10 टीमें
निकाय चुनाव में शराब परोसे जाने की संभावनाओं के चलते आबकारी व पुलिस विभाग अलर्ट हो गया है। जिला आबकारी अधिकारी आनंद शंकर राय ने बताया कि अवैध शराब की तस्करी एवं कच्ची शराब की बिक्री व उत्पादन को रोकने को 10 टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों का नेतृत्व उनके व संबंधित तहसीलों के एसडीएम व सीओ द्वारा किया जाएगा। प्रभावी रूप से रोड चेकिंग, दबिश एवं छापामार कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us