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रिकार्ड गेहूं खरीद में पड़ोसी जिले का हाथ

Pilibhit Updated Mon, 04 Jun 2012 12:00 PM IST
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इस वर्ष सरकार ने घटाया लक्ष्य, तो बढ़ गई खरीद
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भंडारण के लिए राइस मिलों का अधिग्रहण

पीलीभीत। जनपद के पड़ोसी जिले के किसानों की मेहरबानी ही कहें, कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष गेहूं खरीद में लगी एजेंसियों ने अभी तक रिकार्ड खरीद कर ली है। वर्ष 2011 लक्ष्य के मुकाबले खरीद काफी कम होने से इस वर्ष सरकार ने लक्ष्य घटा दिया था। भंडारण की समस्या के बावजूद लक्ष्य 2,14,917 एमटी के सापेक्ष 1,99,623 एमटी गेहूं खरीद हो चुकी है, जिसमें आढ़तियों द्वारा की गई 17295 एमटी गेहूं खरीद शामिल है। गेहूं उतार के लिए 20 हजार एमटी क्षमता हासिल करने के लिए कुछ राइस मिलों के गोदाम और कैंपस को अधिग्रहित किया गया है।
एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू होने के वक्त एफसीआई की भंडारण क्षमता महज 50 हजार एमटी थी। जबकि पिछले साल का 60 हजार एमटी गेहूं और 30 हजार एमटी चावल गोदामों में भरा हुआ है। भंडारण की क्षमता को बढ़ाने के लिए अफसरों ने खाद्यान्न को दूसरे जिलों में भेजने का विकल्प एफसीआई के सामने रखा था, जिसमें पीडीएस को होने वाला हर माह खाद्यान्न उठान शामिल था। हालांकि इस पर एफसीआई के अधिकारी अमल नहीं कर सके और बरेली मंडल के आसपास के गोदामों वैकल्पिक व्यवस्था कर गेहूं का उतार कराया गया है। क्षमता काफी कम होने के चलते गेहूं खरीद प्रभावित हुई। डीएम की सहमति पर अफसरों ने बीसलपुर स्थित आईटीसी के गोदाम में चार हजार एमटी गेहूं का उतार कराया। इसके अलावा बीसलपुर मंडी के सड़क और प्लेटफार्म पर 30 हजार एमटी गेहूं उतार की योजना है, मगर इस पर अभी अमल शुरू नहीं हो सका है। सूत्रों की माने तो एफसीआई ने मंडी में उतार कराने में असहमति जाहिर की थी, लेकिन उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद मंडी में उतार कराने पर सहमति बनी है।

लक्ष्य घटा, तो बढ़ गई खरीद
इसे अजब संयोग ही कहेंगे कि सरकार ने लक्ष्य घटाया, तो गेहूं खरीद में आश्चर्यजनक ढंग से इजाफा हो गया है। वर्ष 2012 में जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य 2,14,917 एमटी निर्धारित है, जो पिछले वर्ष के लक्ष्य 2.29 लाख एमटी के मुकाबले 14,083 एमटी कम है। वर्ष 2011 में 1.71 लाख एमटी गेहूं खरीद हुई थी, जबकि इस वर्ष अभी तक 1,99,623 एमटी गेहूं खरीद हो चुकी है। जिले में अभी खरीद चालू है, जिससे लक्ष्य क्रास होने की संभावना है।

खरीद में विपणन एजेंसी अव्वल
किसानों से सीधे गेहूं खरीद के लिए जिले भर में कुल 148 क्रय केंद्र खोले गए थे, जिसमें विपणन विभाग के पास 13 (42,692 एमटी लक्ष्य) और पीसीएफ के पास 38 (43,108 एमटी लक्ष्य) क्रय केंद्र थे। अब तक के खरीद के आंकड़ों पर गौर करें तो विपणन ने 13 क्रय केंद्रों के सहारे 40,119 एमटी गेहूं खरीद कर डाली है, जबकि 38 क्रय केंद्रों वाली एजेंसी पीसीएफ महज 34,631 एमटी गेहूं खरीद कर सकी है। विभागीय सूत्रों की माने तो पीसीएफ के अधिकांश तोल सेंटर बंद रहते हैं या फिर किसानों से गेहूं खरीद में रुचि नहीं लेते हैं।

दो-तीन केंद्र प्रभारियों पर गिर सकती है कार्रवाई
गेहूं खरीद को दो महीने बीत चुके हैं। इस दौरान तीन पीसीएफ के केंद्र प्रभारी सस्पेंड हो चुके हैं। आरोप था कि बारदाना उपलब्ध होने के बावजूद किसानों से गेहूं खरीद नहीं की थी। इसी तरह की अनियमितता मिलने पर सात केंद्र प्रभारियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि जल्द ही दो-तीन केंद्र प्रभारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है, क्योंकि उनके खिलाफ चल रहीं जांच में आरोप सही पाए गए हैं।

क्रय केंद्रों पर पड़ोसी जिले के किसानों ने भी गेहूं बेचा
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी विनोद कुमार त्रिपाठी बताते हैं कि उम्मीद से कहीं अधिक गेहूं की खरीद हुई है, जिसमें जिले के पड़ोसी जनपद लखीमपुर, शाहजहांपुर और ऊधमसिंहनगर के किसानों का सहयोग रहा है। किसानों को सेंटर से वापस लौटना न पड़े, इस पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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