कम तोलते हैं और दाम भी देते हैं कम

Pilibhit Updated Sat, 02 Jun 2012 12:00 PM IST
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पीलीभीत। गेहूं खरीद शुरू हुए दो माह बीत गए, मगर व्यवस्था अभी तक पटरी पर नहीं आ सकी है। गेहूं क्रय केंद्रों से लेकर मंडी समिति तक किसान परेशान है। वह उपज को औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर है। कहीं घटतौली तो हो रही है तो कहीं किसानों को मजबूरन कम कीमत में गेहूं तोलवाना पड़ रहा है।
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यह हाल तब है जब प्रदेश के एक मंत्री, प्रमुख सचिव, मंडलायुक्त और डीएम तक सेंटरों का औचक निरीक्षण कर कार्रवाई का चेतावनी दे चुके हैं। जिले में दो लाख 14 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य है। प्रशासन 82 प्रतिशत लक्ष्य पूरा होने का दावा कर रहा है। साथ ही यह भी कह रहा है कि लक्ष्य भी जल्द पूरा होगा। हालांकि गेहूं निर्धारित मूल्य पर खरीदने का दावा भी प्रशासन कर रहा है, जबकि हकीकत कुछ और है। शुरु से ही किसान उपज को बेचने को सेंटरों का चक्कर लगा रहे हैं।
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यहां भी रहा हालत जस की तस
बीसलपुर और पूरनपुर में भी गेहूं खरीद की हालत जस की तस रही। बीसलपुर क्षेत्र में 26 राजकीय गेहूं क्रय केंद्र शुरू हो गए थे। पर स्थिति संतोषजनक नहीं रही है। यहां आए प्रमुख सचिव (खाद्य रसद) बलविंदर सिंह से किसानों ने समस्या रखी थी, लेकिन तोल नहीं हुई। अभी तक सेंट्रल वेयर हाउस में सरकारी गेहूं का भंडारण हो रहा था। जगह खत्म होने के कारण वहां एक सप्ताह से भंडारण बंद है। सैकड़ों गेहूं भरे ट्रक वेयर हाउस गेट पर खड़े हैं। पूरनपुर में किसान गेहूं खरीद में घपलेबाजी का आरोप लगाते रहे और धरना -प्रदर्शन दिए। कम दाम देने और घटतोली के कारण केंद्रों पर लेखपाल तैनात हुए। एक मंत्री ने भी छापे मारे, लेकिन गेहूं माफिया हावी रहे।
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अब तक 16 लोगों पर हो चुकी कार्रवाई
गेहूं खरीद प्रभारी/ एडीएम शिवकांत द्विवेदी ने बताया कि गड़बड़ी मिलने पर अब तक 16 केंद्र प्रभारियों पर कार्रवाई हो चुकी है। भाकियू कार्यकर्ताओं का आरोप है कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए थी, मगर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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कुछ मामले ठंडे बस्ते में गए
पूरनपुर इलाके में गेहूं खरीद में गड़बड़ी पर कहीं कार्रवाई तो कहीं मामले ठंडे बस्ते में चले गए। थाना माधोटांडा में सुविधा शुल्क दिए बगैर चेक न देने पर कलीनगर के एक क्रय केंद्र प्रभारी, जिला प्रबंधक, ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई, लेकिन मंडी समिति में पिछले दिनों सीधी खरीद कर ट्रक से लाए गए गेहूं को पकड़े जाने के बाद उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
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ऐसे हुई घपलेबाजी
- औने-पौने दामों मेें गेहूं खरीद कर उसे सरकारी खरीद में दर्शाया गया।
- गेहूं खरीद केंद्रोें पर गेहूं के ढेरों को समाप्त नहीं होने दिया गया। ढेर तुलने पर रात को ढेरों पर माफियाओं का और गेहूं डाल दिया गया।
- फार्मों से सीधी खरीद कर गेहूं खरीद में दिखाई गई।
- कुछ राइस मिलर्स, खाद्यान्न माफियाओं से साठगांठ कर उनके खरीदे गेहूं को सरकारी खरीद में दिखाई गई।

जोत वहियों में गड़बड़ी की गई
वर्जन
गेहूं खरीद केंद्र व्यवस्था बनाने के बाद डीएम के निर्देश पर सेंटरों का औचक निरीक्षण कर कार्रवाई की जा रही है। कुछ पर घटतौली की शिकायतें मिली हैं, जिन्हें गंभीरता से लिया गया है। सभी एसडीएम और तहसीलदारों को क्षेत्र के क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण करने तथा घटतौली की शिकायत मिलने पर आरोपियों के खिलाफ निलंबन, एफआईआर तथा विभागीय कार्यवाई के निर्देश दिए गए हैं।
शिवाकांत द्विवेदी, एडीएम/ प्रभारी अधिकारी गेहूं खरीद।
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