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भारतीय खाद से लहलहा रही नेपाल की खेती

Pilibhit Updated Mon, 28 May 2012 12:00 PM IST
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पीलीभीत। पीलीभीत और खीरी जिले की सीमा से व्यापक पैमाने पर खाद की तस्करी हो रही है। प्रतिदिन आठ से दस हजार बोरी फास्फेटिक सुपर और यूरिया खाद चौपहिया और दोपहिया वाहनों से नेपाल जा रही है। इस काले कारोबार में सुरक्षा एजेंसियों और नागरिक पुलिस की भूमिका आमजन की नजर में संदिग्ध है।
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उत्तराखंड और यूपी के खीरी, बहराइच, पीलीभीत जिलों के तराई बेल्ट से जुड़ी यह खुली नेपाल सीमा बेहद संवेदनशील है। मादक पदार्थों की तस्करी से लेकर भारत विरोधी हरेक गतिविधियों पर अंकुश को सीमा पर एसएसबी समेत तमाम सुरक्षा एजेसियां तैनात हैं। नागरिक पुलिस के थाने और चौकियां हैं। धान की रोपाई का सीजन प्रारंभ होने वाला है। इससे नेपाल में खाद की मांग तेजी से बढ़ी है। पीलीभीत के टाटरगंज, राघवपुरी, कंबोजनगर, बैलहा और बाजार घाट बार्डर क्षेत्र में खीरी की 39 वीं बटालियन एसएसबी तैनात है, जहां से भारी पैमाने पर खाद नेपाल भेजी जा रही है। खीरी जिले की बात करें तो निघासन तहसील के थाना सिंगाही और कोतवाली तिकुनियां इलाके से सूर्य अस्त होते ही शुरू हुआ खाद तस्करी का धंधा उदय होने तक बेरोकटोक चलता है। थाना सिंगाही के गांव लालापुर, उमरा, चितिहा और कुसाही बाजार चौराहे की कुछ दुकानों से तस्कर ट्रॉलियों से भरकर लालापुर गांव से गुरगांई बाबा होते हुए खाद बनवीरपुर के रास्ते मोहाना नदी पार कर नेपाल भेज रहे हैं।
सूत्रों की माने तो नेपाल में यूरिया खाद साढ़े सात सौ रुपये (इंडियन करेंसी) प्रति बोरी बिकती है, जबकि भारतीय क्षेत्र में कीमत 370 रुपये प्रति बैग है। मोटे तौर पर प्रतिदिन आठ से दस हजार बोरी प्रतिदिन खाद नेपाल जा रही है। तस्कर साइकिलों और बाइकों से भी चार से पांच बोरी खाद लादकर नेपाल ले जा रहे हैं।
बाक्स
एक-एक बोरी इकट्ठा कर दर्शाते हैं गुडवर्क
सीमा से जुड़े सूत्र बताते हैं कि सुरक्षा एजेेंसियां और संबंधित थानों की पुलिस तस्करों से मोटी रकम वसूलती हैं। गुडवर्क दर्शाने के लिए एसएसबी तस्करों से एक-एक बैग लेकर उन्हें गुप्त स्थान पर इकट्ठा कर देती है। बाद में उन्हीं बोरियों को पकड़ा दर्शाकर वाहवाही लूटते हैं। आंकड़ों पर गौर करे तो शायद यही वजह है कि बार्डर इलाके से अब तक पकड़ी गई खाद के साथ कोई तस्कर सुरक्षा एजेंसियों के हाथ नहीं लगा।
वर्जन
खाद तस्करी को कस्टम विभाग को रोकना चाहिए, फिर भी एसएसबी सूचना मिलने पर कार्रवाई करती है। एसएसबी का मुख्य ध्येय नारकोटिक्स, ड्रग्स, जाली करेंसी आदि को रोकना है।
श्रवण कुमार सिंह, डीआईजी एसएसबी
पीलीभीत परिक्षेत्र
वर्जन
नारकोटिक्स, ड्रग्स समेत देश विरोधी गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के आदेश एसएसबी को है। खाद की तस्करी का मामला कस्टम से जुड़ा है, फिर भी मामले की जांच कराकर तस्करी पर अंकुश लगाया जाएगा।
आरएस नेगी, सेनानायक
एसएसबी तृतीय बटालियन लखीमपुर-खीरी

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