लग्गा भग्गा की सुरक्षा को सिर्फ तीन कर्मचारी

Pilibhit Updated Fri, 25 May 2012 12:00 PM IST
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1800 हेक्टेयर में फैला है वन क्षेत्र, वन्य जीवों का है विचरण केंद्र
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अवैध शिकार के लिये भी प्रसिद्ध रहा है इलाका
माधोटांडा। लग्गा भग्गा क्षेत्र में तैनात वन रक्षक और दो अन्य कर्मचारियोें के सहारे सुरक्षा का जिम्मा है। इससे व्यवस्था खुद सवालों में आ गई है।
यह क्षेत्र वन्य जीवों के विचरण का केंद्र माना जाता है। इसे संरक्षित क्षेत्र बनाने को पूर्व में भी प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में चले गए। सीमा से सटे नेपाल की शुक्ला फांटा सेन्च्युरी होने से वन्य जीवों का खुला विचरण स्वाभाविक है। डब्ल्यू-डब्ल्यूएफ ने वन्यजीवों की सुरक्षा बढ़ाने को वन कर्मियों को वाहन, एक हाथी तमाम सुविधाएं दीं। लग्गा-भग्गा क्षेत्र में भले ही सुरक्षा को घोषणाएं की जाती हों, लेकिन सच यह है कि एक ओर नेपाल के जंगल दूसरी ओर भारतीय इलाके में शारदा नदी और कई कालोनियां है। यहां के लोग लग्गा-भग्गा जंगल से जलौनी लकड़ी लाते है। अवैध शिकार के रुप में इलाका भी प्रसिद्ध रहा है। क्षेत्र की सुरक्षा को सिर्फ एक वन रक्षक सियाराम एक वाचर और एक टीसी है। इस बाबत बराही के वन क्षेत्राधिकारी इम्तियाज अहमद सिद्दीकी का कहना है कि यह इलाका 1800 हेक्टेयर में फैला है। बीट के हिसाब से वन कर्मियों की संख्या पर्याप्त है, लेकिन संवेदनशीलता को देखते हुए स्टाफ बढ़ाने की जरूरत है, जिस पर प्रस्ताव भेजा गया है।
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