अब तो कर्ज माफ कर दो सरकार

Pilibhit Updated Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
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पीलीभीत। किसानों का कर्ज माफ करने का वादा कर समाजवादी पार्टी ने अपनी नैय्या तो पार लगा ली लेकिन उस वादे पर भरोसा कर लोन चुकता न करने वाले किसानों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। ब्याज की रकम अदा न होने पर लोन बढ़ने लगा तो बैंकों ने इसकी वसूली के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। किसान पसोपेश में हैं, कर्ज चुकता करें या फिर सरकार के करम का कुछ और इंतजार।
सपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में किसानों का 50 हजार रुपये तक का लोन माफ करने का वादा किया था। सपा बहुमत से सत्ता में आई और मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह ने सभी वायदे पूरे करने की घोषणा की। इस घोषणा से उत्साहित किसानों ने लोन एकाउंट में पैसा जमा करना बंद कर दिया। इससे किसानों पर ब्याज का बोझ बढ़ने लगा है। सरकार ने अभी तक ऋण माफ करने संबंधी कोई आदेश नहीं जारी किया है।
इधर बैंक अधिकारियों ने वसूली प्रक्रिया तेज कर दी, जिससे किसान मुसीबत में फंस गए हैं। किसानों ने सरकार से ऋण माफी के संबंध में जल्द ही शासनादेश जारी करने की मांग की है।
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19 बैंकों ने बांटा 836 करोड़ का लोन
जिले भर में 19 बैंकों की 178 शाखाएं हैं। राष्ट्रीय बैंकों में बैंक ऑफ बड़ौदा की सर्वाधिक 22 शाखाएं हैं। इसके अलावा एसबीआई-16, डीसीबी-14, इलाहाबाद बैंक-पांच, नैनीताल बैंक-एक, ओबीसी-दो, पीएनबी की चार शाखाएं हैं। इनमें दो लाख 19 हजार किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड बनवा रखे हैं। करीब एक लाख 10 हजार किसानों ने 836 करोड़ 16 लाख तीन हजार रुपये का लोन ले रखा है।
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कर्ज पाने को भी लगाने पड़ते हैं चक्कर
बैंक शाखाओं से कर्ज पाना हर किसी के बूते की बात नहीं है। ऋण के लिए औपचारिकताएं पूर्ण करने में ही पसीने छूट जाते हैं। ऋण के लिए आवेदन करने वाले तमाम व्यक्तियों का कहना है कि ऋण पाने की जटिल प्रक्रिया और अफसरों की हीलाहवाली से परेशान होना पड़ता है।
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क्या कहते हैं किसान
विभाग ने जारी करा दी है आरसी : श्याम विहारी
बीसलपुर के गांव सितारगंज निवासी श्याम विहारी ने बताया कि सपा सरकार की कर्जा माफी की घोषणा से वह पूरी तरह निश्चित हो गए थे, लेकिन कर्जा माफ नहीं हुआ और बैंक ने आरसी जारी कर दी है, जिससे वह काफी परेशान हैं।
बैंक दे रही है नोटिस : लालाराम
बीसलपुर के ही गांव सखिया निवासी लालाराम ने बताया कि सपा की सरकार बनी तो उन्हें कर्जा माफ होने की उम्मीद थी, लेकिन बैंक लगातार वसूली के नोटिस भेज रहे हैं और न देने पर आरसी जारी कराने की चेतावनी दे रहे हैं। इससे वह और उनका पूरा परिवार परेशान है।
अब बैंक करती है परेशान
घुंघचाई इलाके के गांव सिमरिया निवासी संतोष कुमार बताते है कि पांच साल पहले साठ हजार रुपये कर्जा लिया था। सपा की चुनावी घोषणा में कर्जा माफी के वादे के मद्देनजर बैंक में धन जमा नहीं किया। अब बैंक वाले परेशान करने लगे हैं।
टूटने लगी उम्मीद
पूरनपुर विकास खंड के गांव सिमरिया निवासी मेवाराम ने करीब आठ साल पहले डेढ़ लाख रुपये का कर्जा लिया था। मेवाराम बताते है कि कर्जा निपटाया। अब उस पर करीब 75 हजार रुपये कर्ज रह गया है। सरकार से उम्मीदों को लेकर कर्ज जमा नहीं किया, लेकिन अभी तक माफ न होने से उम्मीद टूटने लगी है।

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