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पांटून पुल ठीक नहीं, दो जिलों का काटना पड़ता है चक्कर

Prashant SinghPrashant Singh Updated Sun, 17 Mar 2019 10:26 PM IST
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पूरनपुर। शारदा नदी पर हर साल बनने वाला पांटून पुल तो निर्धारित समय से तीन माह बाद बना दिया गया था, लेकिन पुल के आगे जलभराव, ऊबड़-खाबड़ रास्ता होने से वाहनों का आवागमन शुरू नही हो सका है। नदी पार करने की दूसरी व्यवस्था न होने के कारण लोगों को तहसील और जिला मुख्यालय आवागमन के लिए 30 की जगह 130 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। यही नहीं मजबूरन दो जिलों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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तहसील क्षेत्र की 16 ग्राम पंचायतें शारदा नदी के पार हैं। ट्रांस शारदा क्षेत्र में तहसील क्षेत्र की करीब एक लाख की आबादी है। पांटूून पुल हटने और नाव संचालन शुरू न होने पर अब क्षेत्र के लोगों को तहसील मुख्यालय आवागमन को लखीमपुर खीरी जिले के संपूर्णानगर, पलिया, मैलानी, शाहजहांपुर जिले के खुटार होकर आना होगा। इसके लिए परिवहन व्यवस्था सीधे न होने से लोगों को काफी परेशानी होती है। जिला मुख्यालय आवागमन के लिए तो लोगों को एक दिन पहले ही घर से निकलना पड़ता है। लोगों का कहना है कि जब तक पांटून पुल से आवागमन को ठेका होता था, तब पुल हटने के बाद हमेशा से नावों का संचालन हो जाता था। निर्धारित समय से कुछ लेट लतीफ सही पांटून पुल से भी आवागमन शुरू हो जाता था।
पांटून पुल तो बना, लेकिन वाहनों का संचालन शुरू नहीं
शारदा नदी में बाढ़ की आशंका पर पांटून पुल को दस जून को हटा लिया गया था। इसके साथ क्षेत्र के लोगों को तहसील मुख्यालय आवागमन को तीस की जगह 130 किलोमीटर दूरी तय करनी पड़ी। पुल पंद्रह अक्तूबर को तैयार होने के साथ आवागमन शुरू होना चाहिए था, लेकिन इस बार पुल 21 जनवरी को बनकर तैयार हुआ। पुल से छोटे वाहनों का आवागमन तो करीब सप्ताह भर हुआ। भारी वाहनों का आवागमन शुरू होने से पहले ही दूसरे पुल के आगे शारदा नदी की दो धारें बहने लगीं और रास्ता भी ठीक नहीं था, जिससे वाहनों का आवागमन ठप है।
रेलवे के आमान परिवर्तन भी बनी समस्या
पहले शारदा नदी का पांटून पुल हटने से तहसील मुख्यालय आवागमन को लोग संपूर्णानगर, पलिया होते हुए मैलानी पहुंचने के बाद मैलानी से ट्रेनों से आवागमन करते थे। मई 2018 में आमान परिवर्तन को लेकर मैलानी-पीलीभीत के बीच ट्रेनों का संचालन बंद हो गया। परिणाम स्वरूप यात्रा के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है।
बसों का संचालन न होनेे पर किया प्रदर्शन
पांटून पुल हटने के आठ माह बाद निर्धारित दूरी तक बसों का संचालन न होने के विरोध में बस मालिक और चालक रविवार को पूरनपुर-टाटरगंज बस यूनियन के प्रबंधक हाजी लियाकत अली के नेतृत्व में नगर के बस स्टैंड पर एकत्र हुए और प्रदर्शन कर नारेबाजी की। उनका कहना था कि आठ माह पहले पांटून पुल हटाया गया था। पुल निर्धारित समय सीमा पर न बनने पर कई बार अफसरों को ज्ञापन दिए, लेकिन हर बार आश्वासन दिया गया। अब तक समाधान नहीं हुआ है। बस मालिकों ने पूरनपुर से कुर्रैया, खुटार आदि मार्ग पर बसों का संचालन को स्वीकृति देने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में राहुल गुप्ता, उमेश जायसवाल, नवाब हुसैन, मुशर्रफ बेग, अशफाक अहमद, लाल बहादुर गुप्ता, अशोक आदि थे।
दो दिन पहले अफसरों ने भी किया था निरीक्षण
पांटून पुल से आवागमन न होने को लेकर दो दिन पहले डीएम और एसपी ने पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग के अफसरों के साथ निरीक्षण किया था। पीडब्ल्यूडी के अफसरों का कहना था कि शारदा नदी में बढ़े जलस्तर से समस्या है। जलस्तर कम होने पर पुल के आगे से बह रही धारें बंद हो जाएगी और पुल से आवागमन शुरू करवा दिया जाएगा।

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