संविधान दिवस पर बाबा साहब अंबेडकर को याद किया

Meerut Bureauमेरठ ब्यूरो Updated Tue, 27 Nov 2018 01:28 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)।
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सोमवार को केन्द्र सरकार के संविधान दिवस पर सरकारी संस्थानों में संविधान की धाराओं को पढ़ा गया। संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव आंबेडकर को याद किया।
सरकार ने 26 नवंबर को संविधान दिवस घोषित किया। सरकार ने संसद के विशेष सत्र का भी आयोजन किया। संसदीय कार्य मंत्रालय ने संविधान दिवस के दिन संसद भवन परिसर को रोशन किया और सभी सरकारी संस्थानों के अधिकारियों से संविधान की प्रस्तावना पढ़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर सोमवार को तहसील क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रमों का भी आयोजन किया । बाबा साहब भीमराव आंबेडकर को भी याद किया । वक्ताओं ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा गणतंत्र है और भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। संविधान को 26 नवंबर 1949 को स्वीकार किया, लेकिन वह 26 जनवरी 1950 से लागू हुआ। भारत के संविधान के निर्माण में डॉ भीमराव आंबेडकर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें संविधान का निर्माता कहा जाता है। वक्ताओं ने कहा कि धर्मनिरपेक्ष शब्द संविधान के 1976 में हुए 42 वें संशोधन अधिनियम द्वारा प्रस्तावना में जोड़ा गया। यह सभी धर्मों की समानता और धार्मिक सहिष्णुता सुनिश्चित करता है। भारत का कोई आधिकारिक धर्म नहीं है, यह ना तो किसी धर्म को बढ़ावा देता है, न ही किसी से भेदभाव करता है।
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