नोएडा की सड़कों पर दिख रहे लापरवाही के सबूत

नोएडा/ब्यूरो Updated Thu, 29 Nov 2012 11:55 AM IST
height of negligence showing on the roads of noida
सड़कों की बदहाली भी ट्रैफिक के लिए किसी दुश्मन से कम नहीं है। शहर में जगह-जगह लापरवाही के सबूत देखे जा सकते हैं। कहीं सीवर के ऊंचे ढक्कन तो कहीं खराब सड़कें जाम की वजह तो बन ही रही हैं बल्कि राहगीरों के लिए जानलेवा भी साबित हो रही हैं। इसके बावजूद नोएडा प्राधिकरण की नींद नहीं टूट रही है।

हर साल सड़कों की मरम्मत के नाम पर करोड़ों का बजट बना दिया जाता है, लेकिन सड़कों की समस्या जस की तस बरकरार रहती है। सड़कें बनाने वाले और सीवर डालने वाले ठेकेदारों की लापरवाही के ढेरों सबूत शहर की सड़कों पर देखे जा सकते हैं। आए दिन सड़कों पर बरती गई लापरवाही की वजह से दुपहिया वाहन चालक चोटिल हो जाते हैं।

कई बार यही लापरवाही बड़ी दुर्घटनाओं का कारण भी बन जाती है, लेकिन प्राधिकरण को इससे कोई लेना-देना नहीं है। शहर में कई ऐसे मुख्य मार्ग हैं जहां लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सेक्टर-57 पुलिस चौकी के मुख्य चौराहे पर रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं, लेकिन सेक्टर-12/22 की तरफ से सेक्टर-59 को जाने वाली सड़क पर लाल बत्ती लांघते ही सड़क पर मौत का टीला बना हुआ है।

पुलिस चौकी से करीब 100 मीटर की दूरी पर खराब सड़क की वजह से कई बार दुपहिया वाहन चालक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। कई बार संतुलन बिगड़ने पर चार पहिया वाहन भी दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं। इसके अलावा उद्योग मार्ग से सेक्टर-14 फ्लाईओवर के नीचे सड़क पर ठीक ऐसी ही लापरवाही देखने को मिल सकती है।

सेक्टर-11/9 कट पर रोड के डिवाइडर को बचाने के लिए लोहे के बड़े-बडे़ गाडर हादसे को न्योता दे रहे हैं। सेक्टर-58 में सुपरटेक के नजदीक सड़क के बीच ऊंचा उठा सीवर का ढक्कन यातायात अवरोधक का काम तो कर ही रहा है साथ ही राहगीरों के लिए भी परेशानी बना हुआ है। सेक्टर-62 में स्टेट बैंक के नजदीक सर्विस लेन पर भी यही हाल देखा जा सकता है। शहर में कई ऐसी जगह हैं जहां लापरवाही के नमूने देखे जा सकते हैं।

आखिर कार्रवाई क्यों नहीं
सड़कों पर लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ प्राधिकरण आखिर कार्रवाई क्यों नहीं करता। अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनने वाली यह लापरवाही जानलेवा साबित हो जाती है। ऐसे मामलों को अपराध मानते हुए संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जानी चाहिए।

ऑटो-कार से सबसे ज्यादा हादसे
शहर की सड़कों पर भारी वाहनों की तुलना में ऑटो व कार से सबसे ज्यादा हादसे हुए हैं। ट्रैफिक पुलिस की एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष-2011 में कुल 290 हादसे ऑटो या फिर कार से हुए। इसके अलावा भारी वाहनों से भी हादसे हुए हैं। कुल सड़क दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा 15.2 फीसदी मोटर साइकिल व स्कूटर चालक प्रभावित होते हैं। उत्तर प्रदेश ट्रैफिक पुलिस द्वारा प्रदेश भर को ध्यान में रखकर किए गए अध्ययन में यह सामने आया है।

शहर के खतरनाक रास्ते
- जीटी रोड दादरी
- सेक्टर-62 मेन रोड
- सेक्टर-67 की रोड
- महामाया फ्लाईओवर पुल के पास
- मोरना चौक के नजदीक
- सेक्टर-82 कट के नजदीक
- कुलेसरा पेट्रोल पंप तिराहा
- उद्योग मार्ग पर सेक्टर-14 के पास
- सेक्टर-57 पुलिस चौकी के पास
- सेक्टर-62 के अंदरूनी मार्ग

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