एसईई: पहले दिन ही अटका डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

Noida Published by: Updated Tue, 09 Jul 2013 05:30 AM IST
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नोएडा। यूपी राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) की काउंसलिंग में सोमवार से शुरू हुई डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रक्रिया पहले ही दिन अटक गई। गौतमबुद्ध टेक्निकल यूनिवर्सिटी (जीबीटीयू) और एनआईसी के सभी दावे पहले ही दिन धरे रह गए। ऑनलाइन सिस्टम काम न करने के कारण छात्रों के पासवर्ड जनरेट नहीं हो पाए। वहीं पहले दिन नोएडा-ग्रेनो के केंद्रों पर 500 छात्रों ने रिपोर्ट की, जिन्हें अपने अभिभावकों के साथ दिन भर इंतजार करने के बाद शाम को मायूस लौटना पड़ा। जीबीटीयू द्वारा नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बनाए गए 12 केंद्रों पर पहले दिन पहुंचे छात्रों को मंगलवार को फिर भागदौड़ करनी होगी। छात्रों को दिए जाने वाले पासवर्ड की मदद से ही 9 जुलाई से च्वॉइस लॉकिंग शुरू होनी है। नोएडा सेक्टर-62 स्थित एमजीएम इंजीनियरिंग कॉलेज में सबसे ज्यादा 160 छात्रों ने रिपोर्ट की। सुबह से ही छात्र अभिभावकों के साथ केंद्रों पर पहुंचे। व्यवस्थाओं के तहत टोकन नंबर के जरिये छात्रों के कागजात जांचे गए। इसके अलावा प्रमाण पत्रों को मैनुअल जांचा गया लेकिन वेबसाइट काम न करने के कारण एनआईसी को ब्योरा नहीं सौंपा जा सका। यूपीएसईई की वेबसाइट 4:30 बजे शाम शुरू हुई लेकिन इसके बाद भी तकनीकी खामी जारी रही। अब छात्र 9 जुलाई अपना पासवर्ड प्राप्त करेंगे। उधर, ग्रेटर नोएडा में आईईसी में 75, एक्यूरेट में 60, जीएनआईटी में 30 और एनआईईटी में 20 छात्रों ने रिपोर्ट की।
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ये रही तकनीकी खामी
कागजात जांचने के बाद छात्र के रोलनंबर के आधार पर उसकी पूरी जानकारी काउंसलिंग का जिम्मा संभाल रहे नेशनल इंफॉरमेटिक सेंटर (एनआईसी) को दी जाती है। इसके बाद छात्र का वन-टाइम पासवर्ड उसके मोबाइल पर भेजा जाता है। इस काम को सेंटर के काउंसलर्स पूरा करते हैं। इससे पहले सेंटर के डायरेक्ट को एनआईसी की ओर से एक पासवर्ड दिया जाता है, जिसका इस्तेमाल (सत्यापित) करने बाद ही काउंसलर्स छात्रों को पासवर्ड देने की प्रक्रिया पूरा करते हैं। पहले दिन, डायरेक्टर के इस पासवर्ड के काम न करने से ही समस्या हुई।


अधूरे कागजात वाले मायूस
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रक्रिया में बहुत से छात्रों के कागजात अधूरे पाए गए हैं। सबसे ज्यादा समस्या आय और निवास प्रमाणपत्र को लेकर रही। आधी अधूरी जानकारी के कारण छात्र इन्हें समय से तैयार नहीं करा पाए। छात्रों के पास 16 जुलाई तक का समय है, इस दौरान कागजात पूरे कराते हुए च्वॉइस लॉकिंग में शामिल हो सकते हैं।


यूनिवर्सिटी नहीं चाहती कि प्रमाण पत्रों की जांच में कोई चूक हो। हर केंद्र के निदेशक के डिजिटल सिग्नेचर के जरिये पासवर्ड का सत्यापन किया जाना है लेकिन छोटी-छोटी तकनीकी खामियों के चलते पहले दिन प्रक्रिया बाधित रही। छात्र परेशान न हों, न ही जल्दबाजी करें। 9 जुलाई दोपहर तक कामकाज सामान्य हो जाएगा।
- डीएस यादव, प्रोवीसी-जीबीटीयू

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