विज्ञापन
विज्ञापन

59 कंपनियों-फर्मों की भूमिका संदेह के घेरे में

Noida Updated Wed, 30 Jan 2013 05:30 AM IST
ख़बर सुनें
लखनऊ। मायावती सरकार में राजधानी तथा नोएडा में अंबेडकर स्मारकों के निर्माण के लिए पत्थरों की खरीद-फरोख्त में 59 कंपनियों व फर्र्मों की भूमिका संदेह के घेरे में है। लोक आयुक्त की निगरानी में इस मामले की जांच कर रहे ईओडब्ल्यू ने इन कंपनियों की भूमिका पर सवाल तो खड़े किए हैं लेकिन न तो इनका ब्यौरा तैयार किया है और न ही इनसे जुड़े लोगों के बयान दर्ज किए हैं। यही नहीं प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि पत्थरों की खरीद-फरोख्त में जमकर खेल हुआ। पूर्व में जिस दर पर पत्थर खरीदने की बात सामने आई थी उससे ज्यादा दर पर भुगतान किया गया। ऊंची दर पर पत्थरों की खरीद का अनुमोदन देने के लिए तत्कालीन कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, बाबू सिंह कुशवाहा के साथ-साथ कुछ आईएएस अधिकारियों और पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता टी. राम पर भी उंगली उठाई गई है।
विज्ञापन
लोक आयुक्त मंगलवार को पूरे दिन स्मारक घोटाले पर ईओडब्ल्यू की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट का परीक्षण करने में जुटे रहे। चूंकि अभी उन्होंने पूरी रिपोर्ट का अध्ययन नहीं किया है इसलिए आज उन्होंने ईओडब्ल्यू के अफसरों को बुलाया नहीं। जांच रिपोर्ट में 59 कंपनियों व फर्मों के नामों का खुलासा किया गया है लेकिन इन कंपनियों के कर्ता-धर्ता व हिस्सेदारों का बयान दर्ज नहीं किया गया है। पत्थरों की आपूर्ति में भी घालमेल का पता चला है। पत्थरों की आपूर्ति करने वाले कंसोर्टियम में तीन तत्कालीन विधायकों, दो वकीलों, एक डॉक्टर तथा मिर्जापुर के बसपा जिलाध्यक्ष के भाई भी शामिल हैं लेकिन जांच रिपोर्ट में इनके नाम शामिल नहीं किए गए हैं। जिन 59 कंपनियों व फर्मों का जिक्र रिपोर्ट में किया गया है उनके संबंध में ईओडब्ल्यू ने कोई ब्योरा जुटाने की जहमत नहीं उठाई। मसलन ये कंपनियां किसकी हैं? इनका संचालक या निदेशक कौन है? पार्टनर कौन हैं? क्या इन्हें कोई राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था? इन कंपनियों का चयन कैसे किया गया? इन बिंदुओं पर जांच रिपोर्ट में कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
पत्थरों की कीमत से ज्यादा भुगतान
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में स्मारकों के लिए खरीदे गए पत्थरों की कीमत से ज्यादा दरों पर भुगतान की बात भी सामने आई है। लोक आयुक्त के अनुसार मिर्जापुर से राजस्थान तक पत्थर भेजने तथा वहां कटिंग आदि कराने के बाद निर्माण स्थल तक पहुंचाने में कुल व्यय 1890 रुपये प्रति घनफुट का खर्च अनुमोदित किया गया। यह पूर्व में बताई गई कीमत से काफी ज्यादा है। इस दर का अनुमोदन तत्कालीन मंत्री नसीमुद्दीन, बाबू सिंह कुशवाहा, आईएएस रवींद्र सिंह, हरभजन सिंह व प्रमुख अभियंता टी. राम ने दिया था। इन्हें भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
कमीशनबाजी का जिक्र पर साक्ष्य नहीं
ईओडब्ल्यू की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में नोएडा में पत्थरों की आपूर्ति करने वालों को 33 फीसदी कटौती करके भुगतान करने का जिक्र किया गया है। जांच रिपोर्ट में भुगतान के समय 12.5 से 15 प्रतिशत तक कमीशन लिए जाने का भी उल्लेख किया गया है। कमीशन लेने वालों में 25 एकाउटेंट का नाम बताए गए हैं। हालांकि इसके समर्थन में कोई साक्ष्य नहीं है।
वर्जन
ईओडब्ल्यू ने बहुत ही सतही तौर पर जांच की है। जांच अधूरी है और इसके आधार पर अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सका है। खरीदे गए पत्थरों की दरों में काफी अंतर की बात भी सामने आई है। जांच एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में जिन कंपनियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं उनसे जुड़े लोगों केबयान भी दर्ज नहीं किए गए हैं। ज्यादा दर पर भुगतान का अनुमोदन देने में नसीमुद्दीन सिद्दीकी, बाबू सिंह कुशवाहा, रवींद्र सिंह, हरभजन सिंह व टी. राम का नाम भी सामने आ रहा है। जरूरत पड़ने पर इनसे भी पूछताछ की जा सकती है। पूरी रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद ही आगे की कार्यवाही का फैसला किया जाएगा।
न्यायमूर्ति एन.के.मेहरोत्रा, लोक आयुक्त
विज्ञापन

Recommended

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा : 27-अक्टूबर-2019
Astrology Services

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा : 27-अक्टूबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Noida

चार चरणों में बनेगा दो रनवे का नोएडा एयरपोर्ट

चार चरणों में बनेगा दो रनवे का नोएडा एयरपोर्ट

16 अक्टूबर 2019

विज्ञापन

मध्य-प्रदेश सरकार में मंत्री पीसी शर्मा ने कैलाश विजयवर्गीय और हेमा मालिनी पर दिया बेतुका बयान

मध्य-प्रदेश सरकार में मंत्री पीसी शर्मा ने सड़कों के बहाने कैलाश विजयवर्गीय और भाजपा सांसद हेमा मालिनी को लेकर बेतुका बयान दिया है।

15 अक्टूबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree