चेतावनी के बाद भी नहीं सुधरे बस ऑपरेटर

Noida Updated Sat, 29 Dec 2012 05:30 AM IST
नोएडा। दिल्ली गैंग रेप के बाद मिली चेतावनी का असर बस ऑपरेटरों पर नहीं पड़ा है। बस ऑपरेटरों पर लगातार कसते शिकंजे के बावजूद सड़कों पर नियमों को ताक पर रखकर बसें दौड़ रही हैं। एक सप्ताह में ट्रैफिक पुलिस ने 121 बसों को सीज कर दिया है, जबकि 300 से ज्यादा बसों के चालान काटे हैं। इसके बावजूद बस ऑपरेटरों को पुलिसिया कार्रवाई की कोई परवाह नहीं है।
जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के सख्त आदेश पर ट्रैफिक पुलिस ने बसों के खिलाफ अभियान छेड़ा हुआ है। रोजाना दर्जनभर से ज्यादा बसें सीज की जा रही है। शुक्रवार को ट्रैफिक पुलिस की टीमों ने शहर में जगह-जगह अभियान चलाकर 16 बसों को सीज किया, जबकि 65 से ज्यादा बसों के चालान काटे। सबसे ज्यादा चालान शीशों पर लगी काली फिल्म को लेकर और बस चालकों के वर्दी में न होने को लेकर काटे गए। परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों की तरफ से बस ऑपरेटरों को चेतावनी देते हुए बसों को तय मानकों के अनुरूप ढालने के आदेश दिए थे लेकिन इसका कोई असर बस ऑपरेटरों पर दिखाई नहीं दे रहा है। ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई के डर से बस चालकों ने अपना रूट तक बदल लिया है।
यातायात निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर बसों के खिलाफ तो सख्त कार्रवाई हुई ही है, साथ ही ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले अन्य वाहनों पर भी शिकंजा कसा गया है। कुल 1405 चालान इस दौरान काटे जा चुके हैं और करीब एक लाख रुपया जुर्माना शमन शुल्क के रूप में वसूला जा चुका है। रूट बदलकर ट्रैफिक पुलिस को चकमा दे रहे बस वालों के खिलाफ रणनीति तैयार कर ली गई है। जिसके तहत चेकिंग प्वाइंट बदलने और पेट्रोलिंग कर चालान काटने के आदेश ट्रैफिक सब इंस्पेक्टरों व हेड कांस्टेबलों को दिए गए हैं।

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