स्टांप शुल्क में छूट खत्म करने की तैयारी

Noida Updated Sat, 15 Dec 2012 05:30 AM IST
नोएडा। उत्तर प्रदेश हाउसिंग सोसायटी एक्ट 1965 के तहत दर्ज करीब डेढ़ सौ आवासीय समितियों के पांच हजार फ्लैट धारकों की परेशानी बढ़ने वाली है। शासन इन समितियों की रजिस्ट्री पर मिलने वाली छूट को समाप्त करने की योजना बना रहा है। निबंधन विभाग के इस प्रस्ताव को विभागीय मंजूरी मिल चुकी है। अब कैबिनेट को भेजा गया है।
कर एवं निबंधन विभाग के मंत्री की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को लखनऊ में बैठक हुई। इसमें उत्तर प्रदेश हाउसिंग सोसायटी एक्ट के तहत पंजीकृत समितियों को स्टांप शुल्क में मिलने वाली 50 फीसदी छूट को समाप्त करने का निर्णय लिया गया। बैठक में प्रमुख सचिव सहित निबंधन विभाग के कई आला अफसर भी मौजूद रहे। मंजूरी मिलने के बाद अब इसे कैबिनेट की बैठक से मंजूरी के लिए भेजा गया है। बैठक में शामिल नोएडा के एआईजी स्टांप एसके सिंह ने बताया कि कैबिनेट की अगली बैठक में इसे मंजूरी मिल जाने के पूरे आसार हैं। बता दें कि नोएडा से करीब दो माह पहले यह प्रस्ताव भेजा गया है। अगर आदेश पारित हुआ तो पूरे प्रदेश के लिए लागू होगा।
निबंधन विभाग के मुताबिक अगर इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई तो नोएडा की करीब डेढ़ सौ आवासीय समितियों के अपंजीकृत पांच हजार फ्लैट धारकों को रजिस्ट्री के समय पूरा स्टांप शुल्क देना पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद इन लोगों ने अब तक रजिस्ट्री नहीं कराई है। इससे विभाग को करीब 50 करोड़ रुपये स्टांप शुल्क मिलने के अनुमान है। गौरतलब है कि मौजूदा समय में संपत्तियों की रजिस्ट्री पर पांच फीसदी स्टांप शुल्क देना पड़ता है। वहीं, उत्तर प्रदेश हाउसिंग सोसायटी एक्ट के तहत दर्ज समितियों के फ्लैट धारकों को ढाई फीसदी स्टांप शुल्क ही देना पड़ता है। ऐसे में इस छूट के समाप्त होने से इनको भी पांच फीसदी स्टांप शुल्क ही चुकाना होगा।
----------------
नोएडा में दो तरह की आवासीय समितियां
नोएडा में दो तरह की आवासीय समितियां बनी हुई हैं। पहली वे हैं, जो इंडियन हाउसिंग सोसायटी एक्ट 1860 के तहत रजिस्टर्ड हैं। ऐसी समितियों की संख्या सौ के करीब है। एयरफोर्स नेवल हाउसिंग सोसायटी केंद्रीय विहार सोसायटी, आर्मी वेलफेयर हाउसिंग सोसायटी आदि शामिल हैं। इनके फ्लैटों की रजिस्ट्री पर पूरा स्टांप शुल्क लगता है। दूसरी वे समितियां हैं, जो उत्तर प्रदेश हाउसिंग सोसायटी एक्ट 1965 के तहत पंजीकृत हैं। सेक्टर 62 व 50 में बनी अधिकतर समितियां इसी एक्ट के तहत पंजीकृत हैं। इनको रजिस्ट्री के समय स्टांप से 50 फीसदी छूट है।
------------
सब पर लागू सुप्रीम कोर्ट का आदेश
निबंधन विभाग के मुताबिक बीते साल सुप्रीम कोर्ट ने हर तरह की समितियों के सभी फ्लैटों की रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी है। कोर्ट का यह आदेश दोनों तरह की सोसायटी पर लागू है। यूपी एक्ट के तहत पंजीकृत समितियां के जिन फ्लैट धारकों ने अब तक रजिस्ट्री नहीं कराई है, वे अब भी रजिस्ट्री करवा सकते हैं। छूट खत्म होने केबाद दिक्कत बढ़ जाएगी। पांच फीसदी स्टांप शुल्क देना पड़ेगा। मालूम हो कि सोसायटी के प्रथम सदस्य को ही स्टांप शुल्क से छूट है। उसके बाद दोबारा रजिस्ट्री के समय वर्तमान सर्किल रेट के हिसाब से पूरा शुल्क देना होता है।

Spotlight

Most Read

Rohtak

जीएसटी विभाग ने ई-वे बिल को लेकर जांच किया अवेयरनेस कैंपेन

जीएसटी विभाग ने ई-वे बिल को लेकर जांच किया अवेयरनेस कैंपेन

19 जनवरी 2018

Related Videos

गर्लफ्रेंड ने की थी इंटरनेशनल बॉक्सर की हत्या, जानिए क्या थी वजह

ग्रेटर नोएडा में इंटरनेशल बॉक्सर के मर्डर के मामले में पुलिस ने उसकी प्रेमिका समेत तीन लोगों की गिरफ्तार किया है। गौतमबुद्धनगर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बॉक्सर की हत्या उसकी प्रेमिका ने अपनी पूर्व प्रेमी से मदद की।

19 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper