बिजली के बिल ने गुल की दिमाग की बत्ती

Noida Updated Wed, 12 Dec 2012 05:30 AM IST
नोएडा। जेब पर आफत बनकर टूट रहे बिजली के बिल ने घरेलू उपभोक्ताओं को एक और जोर का झटका दिया है। 12 साल बाद बिजली के बिलों में मीटर की भारी भरकम कीमत जुड़कर आने से करीब पांच हजार उपभोक्ताओं के दिमाग की बत्ती गुल हो गई है। आने वाले दिनों में 25 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं पर यह मार पड़ने वाली है।
विद्युत वितरण निगम अभियान के तहत शहर के पुराने सेक्टरों में घरेलू श्रेणी के करीब पांच हजार उपभोक्ताओं के मीटर बदल चुका है। मीटर बदले जाने के बाद जो बिल इस बार जारी हुए हैं उन्हें देखकर उपभोक्ता परेशान हो गए हैं। दरअसल, वर्ष-2000 से पहले जिन उपभोक्ताओं के परिसरों में मीटर लगाए गए थे उनकी कीमत उपभोक्ताओं से नहीं वसूली गई थी। 12 साल तक उपभोक्ताओं से मीटर का किराया वसूला जाता रहा लेकिन अब नए मीटरों की कीमत इस बार बिलों में जोड़कर भेज दी गई है। आने वाले दिनों में 25 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं के यहां नए मीटर लगाए जाएंगे। ऐसे में इन उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ पड़ना तय है। विद्युत वितरण निगम के अधिकारियों के पास उपभोक्ता शिकायत लेकर पहुंचने लगे हैं। ज्यादातर उपभोक्ताओं की दलील है कि बाजार में बिक रहे मीटर की तुलना में निगम के मीटर की कीमत बहुत ज्यादा है। वहीं, अधिकारियों का तर्क है कि जो उपभोक्ता पहले ही मीटर की कीमत जमा करा चुके हैं उनके बिल में यह राशि नहीं जोड़ी गई है।
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आखिर क्यों नहीं किया सर्वे
शहर में चल रहे मीटर बदलने के अभियान के बाद विद्युत वितरण निगम की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। लगातार उपभोक्ताओं की तरफ से शिकायतें की जा रही हैं कि उन्हें सूचित किए बिना बिजली के मीटर क्यों बदले जा रहे हैं। मीटर बदलने वाले कर्मचारियों की पहचान भी उपभोक्ताओं के लिए किसी पहेली से कम नहीं है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जब इस काम को करना ही था तो पहले सर्वे क्यों नहीं किया गया।
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एमडी तक जा चुकी शिकायत
शहर में गुपचुप तरीके से बदले जा रहे बिजली के मीटरों की शिकायत पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक तक जा चुकी है। आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश बत्रा ने करीब दो महीने पहले इस मसले को गंभीरता से उठाया था और नोएडा सर्कल के अधीक्षण अभियंता से लेकर निगम के एमडी तक को पत्र लिख था।
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मीटरों की कीमत राज्य विद्युत नियामक आयोग तय करता है। कीमतों को लेकर अगर उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति है तो इसकी शिकायत सीधे आयोग से की जा सकती है।
- सीएल गुप्ता, अधीक्षण अभियंता-नोएडा सर्कल

क्या है नियम:-
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. दस साल होती है किसी भी विद्युत मीटर की लाइफ।
. पांच साल के अंतराल में बदलने चाहिए घरेलू मीटर।
. तीन साल में बदलने चाहिए 25 से 50 किलोवाट लोड के मीटर।
. एक साल में बदले जाने चाहिए 11 केवी लोड वाले मीटर।

घरेलू मीटर की कीमत
श्रेणी विद्युत निगम बाजार
सिंगल फेज 1200 रुपये न्यूनतम 600 रुपये
थ्री फेज 7000 रुपये न्यूनतम 3500 रुपये

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