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मेट्रो ब्रिज का काम फिर रुका

Noida Updated Sun, 14 Oct 2012 12:00 PM IST
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नोएडा। कालिंदी कुंज से नोएडा को लिंक देने के लिए यमुना पर निर्माणाधीन मेट्रो ब्रिज का काम सिंचाई विभाग ने रुकवा दिया है। बिना अनुमति लिए संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का हवाला देते हुए सिंचाई विभाग ने मेट्रो ब्रिज के निर्माण कार्य में अड़ंगा डाल दिया है। निर्माणाधीन परियोजना पर ब्रेक लगते ही दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने भी अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर को पत्र लिखा है।
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तीसरे चरण के तहत बॉटेनिकल गार्डन से जनकपुरी वेस्ट तक मेट्रो विस्तार परियोजना के तहत सबसे पहले यमुना पर मेट्रो का ब्रिज बनाने का काम शुरू किया गया, लेकिन इसके बावजूद भी परियोजना में देरी होती दिखाई दे रही है। अगस्त में मानसून के चलते मेट्रो का निर्माण कार्य बंद रहा। यमुना का जलस्तर कम होने के बाद डीएमआरसी ने फिर से काम शुरू किया तो अब उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने पेंच फंसा दिया है। दरअसल, सिंचाई विभाग ने यूपी पुलिस की चौकी के पास बने गाइड बंड (पानी के बहाव को दिशा देने वाली मेढ़) तोड़कर पिलर खड़ा करने का आरोप डीएमआरसी पर लगाया है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सिंचाई विभाग की जमीन पर बने किसी भी तरह के स्ट्रक्चर को तोड़ने या उसे छेड़ने से पहले डीएमआरसी को अनुमति लेनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया, जिसके चलते निर्माणाधीन ब्रिज का काम रुकवाया गया है।
वहीं, डीएमआरसी ने सिंचाई विभाग के इस निर्णय पर आपत्ति जताते हुए चीफ इंजीनियर को पत्र लिखा है। बहरहाल, इस पूरे विवाद में रफ्तार पकड़ रही मेट्रो रेल परियोजना को झटका लगा है। अगर जल्द से जल्द विवाद नहीं सुलझा तो ब्रिज का निर्माण कार्य वर्ष-2014 तक पूरा कर पाना मुश्किल होगा।
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दिल्ली का पैसा नोएडा पर खर्च
कालिंदी कुंज से बॉटेनिकल गार्डन तक 3.962 किलोमीटर लंबी लाइन के बीच बनाए जा रहे ब्रिज पर करीब 40 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च आंका गया है। इस ब्रिज की फंडिंग को लेकर अभी डीएमआरसी और नोएडा प्राधिकरण के बीच समझौता नहीं हुआ है, लेकिन परियोजना को समय से पूरा किया जा सके, इसको लेकर दिल्ली के फंड का इस्तेमाल करते हुए नोएडा में निर्माण कार्य किया जा रहा है। कुल चौदह पिलर यमुना की रेतीली मिट्टी पर तैयार किए जाने हैं, जिनमें से पांच पिलर तकरीबन तैयार कर लिए गए हैं।
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अनुमति के बाद शुरू होगा काम
बिना अनुमति लिए सिंचाई विभाग की संपत्ति के साथ छेड़छाड़ करने पर मेट्रो ब्रिज का काम रुकवाया गया है। विभाग से मंजूरी मिलने के बाद ही हम अपनी जमीन पर निर्माण कार्य की अनुमति डीएमआरसी को देंगे।
- आरएस यादव, सहायक अभियंता (सिंचाई विभाग)
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चीफ इंजीनियर को पत्र लिखा
मानसून के चलते पहले ही ब्रिज का निर्माण कार्य काफी समय तक प्रभावित रहा। अब सिंचाई विभाग ने अड़चन पैदा कर दी है। हालांकि इसको लेकर हमारी तरफ से सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर को पत्र लिखा गया है।
- संध्या शर्मा, प्रवक्ता (डीएमआरसी)

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