एक्सटेंशन में रहेगी बिजली की टेंशन

Noida Updated Sat, 22 Sep 2012 12:00 PM IST
नोएडा। नोएडा एक्सटेंशन में बिल्डर भले ही अपने प्रोजेक्टों को रफ्तार देने की तैयारी में हों, लेकिन यहां आशियाना बसाने का सपना तीन-चार साल में भी पूरा होने वाला नहीं है। यहां बनने वाले करीब एक लाख फ्लैटों को रोशन करने के लिए किसी तरह की प्लानिंग नहीं है। एक्सटेंशन में बिजली की टेंशन का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम ने अगले दो दशक का जो प्लान तो तैयार किया है, उसमें भी यह शामिल नहीं है।
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद से ही नोएडा एक्सटेंशन में बिल्डरों ने अपने प्रोजेक्टों पर काम को रफ्तार देने की कवायद शुरू कर दी है। निवेशकों को अगले दो से तीन साल में पजेशन देने का वादा भी किया है। बिल्डर निवशकों को उनके घरों का कब्जा भले दे दें, लेकिन एक्सटेंशन में बिना बिजली आशियाना बसा पाना शायद ही किसी के लिए संभव हो पाए। दरअसल, अब तक तो यह भी साफ नहीं है कि नोएडा एक्सटेंशन में बिजली की सप्लाई का जिम्मा यूपी पावर कॉरपोरेशन को मिलेगा या नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड को। सूत्रों के मुताबिक, लाइसेंस को लेकर चल रहे विवाद के कारण दोनों ही हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम ने 2031 के प्लान के तहत नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे को रोशन करने के लिए 73 नए उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव रखा है। एक्सटेंशन इस प्लान में शामिल नहीं है। इसे लेकर विवाद सुलझ भी जाता है तो प्लानिंग करने में ही सालभर बीत जाएगा। एक्सटेंशन को रोशन करने के लिए 600 से 700 मेगावाट बिजली की जरूरत होगी। इसके लिए छोटे-बडे़ करीब डेढ़ दर्जन विद्युत उपकेंद्र स्थापित करने होंगे। इनके निर्माण में ही चार से पांच साल का समय लग जाएगा।

गांवों से सौतेला व्यवहार
फिलहाल, एक्सटेंशन के तहत आने वाले पांच गांव ऐसे हैं, जो गाजियाबाद से बिजली लेकर काम चला रहे हैं। इनमें बिजली की आपूर्ति का हाल बेहद खराब है। ग्रामीण लंबे समय से गौतमबुद्घ नगर से बिजली की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन समस्या दूर नहीं हुई है।

ऐसे बढ़ेगी खपत
एक्सटेंशन में एक लाख आशियाने तैयार किए जा रहे हैं। एक फ्लैट को पांच किलोवाट का कनेक्शन भी जारी किया गया तो सीधे-सीधे 500 मेगावाट बिजली की जरूरत होगी। मॉल्स, बाजार, स्ट्रीट लाइटों के चलते बिजली की मांग का आंकड़ा बढ़ सकता है।

ग्रेटर फरीदाबाद जैसा न हो हाल
नोएडा एक्सटेंशन को ग्रेटर फरीदाबाद जैसे हाल से गुजरना पड़ सकता है। महंगे किराये से बचने के लिए कई निवेशक अपने फ्लेटों में जाकर बस गए हैं, लेकिन बिजली का बंदोबस्त न होने के कारण इन लोगों को बिल्डरों से 10 से 12 रुपये प्रति यूनिट बिजली लेनी पड़ रही है।

नोएडा एक्सटेंशन को लेकर कोई प्लानिंग फिलहाल हमारी तरफ से नहीं की गई है। अगर यूपीपीसीएल को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाती है तो जल्द से जल्द बिजली का बंदोबस्त करने की कोशिश की जाएगी।
- सीएल गुप्ता, अधीक्षण अभियंता-नोएडा

कितने उपकेंद्रों की होगी जरूरत
क्षमता संख्या
220 केवी 1 उपकेंद्र
132 केवी 3 उपकेंद्र
33/11 केवी 11 उपकेंद्र

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