...तो गुजरात चले जाएंगे उद्योग

Noida Updated Sat, 18 Aug 2012 12:00 PM IST
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नोएडा। औद्योगिक शहर नोएडा में उद्योगों की उपेक्षा से निराश उद्यमी अब गुजरात में उद्योगों धंधों के लिए जमीन तलाशने लगे हैं। इसी क्रम में नोएडा एंट्रप्रिनियोर्स एसोसिएशन ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मैसाना में जमीन उपलब्ध कराने को कहा है।
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एनईए अध्यक्ष विपिन मल्हन ने सीएम नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में कहा है, कि नोएडा के उद्यमी गुजरात के बेहतर औद्योगिक माहौल में अपना उद्योग लगाना चाह रहे हैं। अगर मैसाना में सरकारी दर पर एक हजार से लेकर पांच हजार वर्ग मीटर तक के भूखंड शीघ्र उपलब्ध करा दिए जाएं तो नोएडा के कई उद्यमी दो साल के भीतर उद्योग लगाकर उत्पादन शुरू कर देंगे। इससे राज्य में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और निवेश भी होगा। पत्र में यह भी लिखा गया है कि नोएडा एंट्रप्रिनियोर्स एसोसिएशन यहां के छह हजार उद्योगों का नेतृत्व करती है। बड़ी तादात में उद्यमी गुजरात जाने को तैयार हैं।पत्र भेजे जाने की जानकारी देते हुए एनईए अध्यक्ष विपिन मल्हन ने बताया कि नोएडा की स्थापना औद्योगिक शहर के रूप में तो हुई, मगर यहां उद्योगों की हमेशा से अनदेखी की गई। उद्योगों के लिए आधारभूत संसाधन विकसित नहीं किए गए। उद्योग चलाने के लिए सबसे पहले जमीन की दरकार होती है। नोएडा के किसी भी औद्योगिक सेक्टर में जमीन की बाजारी कीमत 25 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर से कम नहीं है। प्राधिकरण खुद से उद्यमियों के लिए कोई योजना ला नहीं रहा, जबकि गुजरात में अब भी पांच से छह हजार रुपये प्रति वर्गमीटर के रेट में भूखंड मिल रहे हैं। यहां पूरे साल जबरदस्त बिजली संकट से उद्योगों को जूझना पड़ता है। इससे उद्योग चलाना मुश्किल हो गया है। गुजरात में उद्योगों को 24 घंटे बिजली मिल रही है। आंतरिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा यहां नहीं है। आए दिन उद्यमियों के साथ आपराधिक वारदातें हो रही हैं। बार-बार चेतावनी के बावजूद स्थिति सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
उन्होंने बताया कि नोएडा के उद्योगों से प्रदेश सरकार को बीते 31 मार्च तक 14 हजार करोड़ रुपये का सालाना राजस्व दिया गया। इसके बावजूद न तो सरकार कोई कदम उठा रही और न ही यहां की लोकल अथॉरिटी कुछ कर रही है। उन्होंने खुद की जानकारी के आधार पर करीब ढाई सौ उद्योग जमीन मिलने पर गुजरात शिफ्ट होने की संभावना जताई।
पलायन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
एनईए ने उद्योग लगाने के लिए गुजरात से जमीन तो मांगी है, मगर जमीन मिलने पर यहां चल रहे उद्योग वहां पलायन कर जाएंगे या फिर नई यूनिट लगाई जाएगी, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं की है। ऐसा माना जा रहा है कि अगर यहां के उद्योग गुजरात पलायन करने का मन बना रहे हैं तो नोएडा के भविष्य के लिए खतरे का संकेत हो सकता है।

देखते हैं मोदी का रेस्पॉंस
किसी भी शहर में उद्योग चलाने के लिए सस्ती दर पर जमीन, 24 घंटे बिजली, बेहतर ट्रांसपोर्ट और लॉ एंड ऑर्डर दुरुस्त होना चाहिए। नोएडा में इन चारों चीजों का अभाव है। ऐसे में यहां के उद्यमी किस तरह से अपने उद्योग चलाएं। इसी वजह से यहां के उद्यमियों की मांग पर हमने गुजरात के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। देखते हैं वहां से क्या रेस्पॉंस मिलता है।
-विपिन मल्हन, अध्यक्ष, नोएडा एंट्रप्रिनियोर्स एसोसिएशन

उद्यमियों को कहीं जाने की जरूरत नहीं
उद्यमियों को कहीं भी जाने की जरूरत नहीं है। अगर उनकी कोई समस्या है, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा। उद्यमियों की समस्याएं जानने के लिए छुट्टियों के तुरंत बाद बैठक की जाएगी।
-मो. अफजल, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र
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