जवाब दें, वरना 22 के बाद दर्ज होगी एफआईआर

Noida Updated Wed, 15 Aug 2012 12:00 PM IST
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नोएडा। निबंधन विभाग ने पिछले सात वर्षों में स्टांप शुल्क से छूट पाने वाली आईटी सहित अन्य श्रेणी की47 कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया है। छूट की शर्तों का उल्लंघन करने पर यह कदम उठाया गया है। इन कंपनियों को अपना जवाब देने के लिए 22 अगस्त तक समय दिया गया है। इस तिथि के बाद इन कंपनियों की प्राधिकरण में जमा बैंक गारंटी जब्त करने और सीधे एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है। हाल में आए शासनादेश में इन सभी कंपनियों के खिलाफ स्टांप एक्ट की धारा 64 सी के तहत एफआईआर दर्ज कराने और प्राधिकरण में जमा बैंक गारंटी जब्त करने का आदेश दिया गया है। इसके लिए शासन ने नोएडा प्राधिकरण को भी पत्र लिखा है। हालांकि स्थानीय कार्यालय ने इनका जवाब जानने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। बीते सोमवार को सभी कंपनियों को नोटिस भेजा गया है और जबाव दाखिल करने के लिए 22 अगस्त को सेक्टर 33 स्थित एआईजी कार्यालय बुलाया है। जवाब से संतुष्ट न होने पर इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और प्राधिकरण में जमा बैंक गारंटी जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इन कंपनियों ने करीब 80 करोड़ रुपये स्टांप शुल्क से छूट ली है।
दरअसल, नोएडा में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कर एवं निबंधन विभाग ने 19 मई 2005 को अधिसूचना जारी कर उद्योग लगाने के लिए भूखंड खरीदने और उसी रजिस्ट्री कराने पर स्टांप शुल्क से शत-प्रतिशत छूट देने का प्रावधान लागू किया। कुल सात श्रेणी के उद्योगों को भूखंड खरीदने और उसकी रजिस्ट्री कराने पर स्टांप शुल्क से छूट दी गई। इसमें चीनी उद्योग, संशोधित ऊर्जा, आवास विकास, उत्तर प्रदेश हाइटेक सिटी, अवेशित क्षेत्र, औद्योगिक और अन्य श्रेणी के उद्योग शामिल हैं।
निबंधन विभाग के अनुसार 2005 से अब तक औद्योगिक छूट के नाम पर चार, उत्तर प्रदेश हाईटेक सिटी के नाम पर 29, अवेशित क्षेत्र की एक और अन्य श्रेणी के नाम पर कुल 92 भूखंड आवंटित हुए और रजिस्ट्री में स्टांप शुल्क से छूट दी गई। इसकी शर्त यह थी कि ये उद्योग पांच साल के भीतर कम से कम 40 फीसदी निर्माण कर सात साल चलने लगेंगी। इसके पीछे मंशा यह थी कि इससे प्रदेश में आईटी में निवेश बढ़ेगा और रोजगार के अवसर मिलेंगे। हाल ही में रजिस्ट्री विभाग ने स्टांप शुल्क से छूट लेने वाली कंपनियों का मौके पर जांच कर सूची तैयार की है। जांच में 47 कंपनियां ऐसी मिली हैं, जिनको अब तक चालू हो जाना चाहिए था, मगर अब तक उनकी बिल्डिंग भी नहीं बनी है। स्टांप शुल्क से छूट लेने की शर्तों का इन्होंने पालन नहीं किया है। निबंधन विभाग के स्थानीय कार्यालय ने इन कंपनियों की सूची बनाकर शासन को भेजी थी।
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नोटिस भेजा गया
शासन के आदेशानुसार सभी 47 कंपनियों को नोटिस भेज दिया गया है। 22 अगस्त को इन सभी को कार्यालय बुलाया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और बैंक गारंटी जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
एसकेसिंह, एआईजी स्टांप, नोएडा।

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