मोबाइल टावर : नए पर नियम लागू , पुराने पर संशय

Noida Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
नोएडा। प्रदेश सरकार ने मोबाइल टावर के लिए नई नीति लागू कर दी है। इसमें स्थानीय प्राधिकरण के साथ फायर विभाग और आरडब्ल्यूए की एनओसी देनी होगी। नए कनेक्शन यानी निर्माण पर नीति लागू हो जाएगी, जबकि पुराने पर संशय अभी तक बरकरार है। वैसे भी नोएडा में मोबाइल टावर का मामला पहले से उलझा हुआ है। पिछले दो साल से हाईकोर्ट इलाहाबाद और लखनऊ बेंच में सुनवाई चल रही है।
सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण का हवाला देते हुए नोएडा प्राधिकरण ने 2010 फरवरी में शहर के 193 मोबाइल टावर सील कर दिए। इसके बाद शहर में नेटवर्क को लेकर हायतौबा मच गई। इसी बीच मोबाइल सेवा देने वाली कंपनियों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और कई आदेशों के बाद मामला अभी तक लंबित है। इस बीच प्रदेश सरकार ने मोबाइल टावर नीति लागू कर दी है। इसमें उन्हीं बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित किया गया है, जिसकी मांग प्राधिकरण ने दो साल पहले की थी। हालांकि, अभी मामले पर कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं हैं। सभी ने कोर्ट में मामला लंबित होने की वजह से टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। लेकिन नाम नहीं लिखने की शर्त पर बताया गया कि प्रदेश की नई नीति को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और पुराने टावरों की शिफ्टिंग के संबंध में फैसले को लेकर पैरवी की जाएगी।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Delhi NCR

यमुना में अमोनिया बढ़ने से फिर जल संकट, कई दिनों तक होगी दिक्कत

दिल्ली जल बोर्ड के कई संयंत्र क्षमता से कम शोधन कर पा रहे हैं, कई दिन पेयजल संकट रहेगा।

24 फरवरी 2018

Related Videos

अपराधी बेटे की लाश लेने से परिवार वालों ने किया इनकार!

सोमवार को यूपी पुलिस ने नोएडा में एक शातिर अपराधी संजय को एनकाउंटर में मार गिराया। ग्रेटर नोएडा के रहने वाले संजय पर दर्जनों मामले दर्ज थे।

21 फरवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen