विश्व पर्यावरण दिवस : पौधे लगाने के बाद उन्हें बचाए रखने का भी लें संकपल्प

अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Mon, 05 Jun 2017 11:53 PM IST
रखरखाव के अभाव में नष्ट हुआ पौधा।
रखरखाव के अभाव में नष्ट हुआ पौधा। - फोटो : अमर उजाला
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धरती के श्रृंगार पेड़-पौधों से ही पर्यावरण शुुद्ध रह सकता है। पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए हर वर्ष जनपद भर में पौधरोपण का कार्य होता है, मगर पौधे लगाने के बाद वह देखरेख के अभाव में नष्ट हो रहे हैं। पौधरोपण के साथ ही उनकी देखभाल भी जरूरी है। 
हर साल लगाए जाने वाले पेड़ सुरक्षित रहें तो हर ओर हरियाली ही हरियाली नजर आएगी और पर्यावरण भी शुद्ध होगा, लेकिन हकीकत इसके विपरीत है। रोपेे गए पौधों में से करीब 40 प्रतिशत पौधे देखरेख के अभाव में सूख जाते हैं। गत वर्ष जहां वन विभाग ने जिले में एक ही दिन पांच लाख 20 हजार पौधे रोपित कर रिकार्ड बनाया था,

वहीं अन्य सरकारी विभागों ने भी करीब 93 हजार पौधे रोपित किए थे, जिनमें से आधे भी जीवित नहीं बच पाए हैं, क्योंकि विभाग ही उनकी देखरेख नहीं करता। जबकि पर्यावरण को बचाने के लिए जागरूकता अभियान भी सरकारी विभाग ही चलाते हैं।      

धरा पर जीव-जंतु को जीवन देने में पेड़-पौधों की अहम भूमिका है। पेड़-पौधों से जहां पर्यावरण शुद्ध रहता है, वहीं पौधे कार्बनडाई ऑक्साइड ग्रहण कर जीव-जंतुओं के लिए ऑक्सीजन छोड़ते हैं। नीम, पीपल, बरगद जैसे पेड़ तो 24 घंटे ऑक्सीजन छोड़ने का कार्य कर धरती पर जीवों को जीवन प्रदान करने में भूमिका निभाते हैं।

पेड़-पौधों के कटान से पर्यावरण का खतरा बढ़ता है। पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़-पौधे अधिक से अधिक मात्रा में लगाए जाने का अभियान सरकार चलाए हुए है। गत वर्ष वन विभाग ने जिले में एक साथ 5 लाख 20 हजार पौधे रोपित कर रिकार्ड बनाया था। वन विभाग ने मोरना, जानसठ और मीरापुर के वन क्षेत्र में इन पौधों को लगाया था, जिनमें से दस प्रतिशत पौधे सूख गए। साथ ही अन्य सरकारी विभागों को भी 93 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य मिला था।

इस अभियान में सभी विभागों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए पौधोरापण किया था, मगर बाद में उनकी देखरेख नहीं की, जिस कारण करीब 40 प्रतिशत पौधे नहीं बच पाए। सोमवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर इसकी पड़ताल की गई तो पाया कि सड़कों पर लोक निर्माण विभाग की ओर से लगाए गए अधिकांश पेड़ सूखे हुए मिले। डीएफओ सूरज का कहना है कि गत वर्ष लगाए गए पौधों में से केवल दस प्रतिशत पेड़ सूखे हैं, बाकी पौधे बड़े हो रहे हैं। इनकी देखरेख के लिए विभागीय कर्मचारी तैनात हैं। बाकी सरकारी विभागों की ओर से लगाए गए पौधों की देखरेख की जिम्मेदारी उन्हीं विभागों की है।      

इस बार पौने तीन लाख  पौधे लगाने का लक्ष्य      
मुजफ्फरनगर। वन विभाग ने इस बार 2,70,065 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अन्य सरकारी विभागों की ओर से 72616 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। वन विभाग के एसडीओ संजीव कुमार ने बताया कि मानसून के आने के बाद जुलाई माह के पहले सप्ताह से पौधरोपण का कार्य शुरु कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पेड़ पौधो की सुरक्षा के लिए जन जागरण अभियान भी चलाया जाएगा।      

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