हवाला कारोबार से जुड़े हैं दोनों सराफ, एनआईए ने बरामद की लाखों की नगदी, विदेशी करेंसी, पिस्टल

ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर Updated Mon, 05 Feb 2018 12:55 AM IST
The hawala business is linked to both the Jewelers
NIA
शहर के दोनों सराफ हवाला कारोबार से जुड़े हैं। दोनों के यहां नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) की टीम द्वारा चलाए गए सर्च अभियान में बड़ी संख्या में देशी व विदेशी करेंसी, पिस्टल, लैपटॉप, मोबाइल व अन्य सामान बरामद किया है। टीम को शक है कि दोनों सराफ हवाला के जरिये आतंकियों को धन उपलब्ध कराते हैं।
एनआईए ने शनिवार को एटीएस के साथ शहर के सराफ आदिश जैन और अंकित गर्ग के यहां छापेमारी की थी। टीम का सर्व अभियान लगातार 15 घंटे तक जारी रहा। इस दौरान टीम ने दोनों सराफा कारोबारियों के परिजनों को उनके घर में ही नजरबंद कर दिया था।

टीम ने परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल अपने कब्जे में ले लिए और उन्हे किसी से भी मिलने की इजाजत नहीं दी थी। मध्य रात्रि तक यह सर्च अभियान चला। एनआईए सूत्रों के अनुसार टीम ने अभियान के दौरान अंकित के घर से 15 लाख रुपये भारतीय मुद्रा, दो नोट गिनने की मशीन, एक इंडियन मेड पिस्टल मय कारतूस, एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन और दस्तावेज बरामद किए।

अरिहंत ज्वैलर्स के मालिक आदिश जैन के यहां से टीम ने दुकान व मकान से 32.84 लाख भारतीय मुद्रा, एक चाइना मेड पिस्टल मय कारतूस, कुछ मोबाइल नंबर, सऊदी अरब, कतर, कुवेत, यूएसए, जापान, थाईलेंड, ओमान की करेंसी, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, दो लैपटॉप व तीन मोबाइल बरामद किए है। बरामद सभी सामान को सीज कर टीम अपने साथ ले गई। एनआईए सूत्रों के अनुसार दोनों सराफ पर शक है कि हवाला के जरिये वह धन उपलब्ध कराते थे।

सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम ने लश्कर ए तैयबा के आतंकी गोपालगंज बिहार निवासी महफूज आलम को गिरफ्तार कर दो दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान महफूज आलम ने कई राज उगले हैं। इस गिरफ्तारी से लश्कर-ए-तैयबा के लिए पैसा जुटाने के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

पता चला कि यूपी के हवाला कारोबारी भी आतंकियों के लिए फंड जुटा रहे थे। इसी क्रम में मुजफ्फरनगर के दोनों हवाला कारोबारियों के घर एनआईए ने छापेमारी की, जहां से उक्त सामान बरामद हुआ। आदिश जैन खाड़ी देशों के साथ अमेरिका, जापान, थाईलैंड, ओमान के हवाला कारोबारियों से धंधा कर रहा है। ये लोग किस नेटवर्क के जरिए पैसा पहुंचा रहे थे, इसकी छानबीन की जा रही है।

आतंकी मामले में एनआईए ने की एक और गिरफ्तारी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े एक और आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। एनआईए के प्रवक्ता ने रविवार को यह जानकारी दी। पिछले साल दिसंबर में दर्ज एक मामले में महफूज आलम चौथा आरोपी है, जिसे जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किया है।

प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी को एक अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया। इस मामले में महाराष्ट्र के रहने वाले अब्दुल नईम शेख और आलम के अलावा गोपालगंज बिहार निवासी धन्नू राजा और पुलवामा के रहने वाले तौसीफ अहमद मलिक को भी गिरफ्तार किया गया है।

प्रवक्ता ने बताया कि आलम ने एलईटी के सक्रिय आतंकी शेख को लॉजिस्टिक और आर्थिक मदद दी थी। पाकिस्तान स्थित अपने आका के कहने पर शेख बिहार, ओडिशा, यूपी और जम्मू-कश्मीर में आतंकी ठिकाने तैयार कर रहा था। 

उसकी गिरफ्तारी के बाद एनआईए ने उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर छापेमारी की। मुजफ्फरनगर में दो हवाला कारोबारियों दिनेश गर्ग और आदेश कुमार जैन के यहां भी छापेमारी की गई। गर्ग के घर और दफ्तर पर तलाशी में जांच एजेंसी ने 15 लाख नकद, दो नोट गिनने की मशीन, एक देसी पिस्टल व कारतूस, लैपटॉप, चार मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज जब्त कर लिए।

वहीं जैन के घर और दुकान पर छापेमारी में 32.84 लाख कैश, एक चीनी पिस्टल व कारतूस, मोबाइल नंबर लिखे रजिस्टर मिले हैं। इसके साथ ही सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, अमेरिका, जापान, थाइलैंड और ओमान की करेंसी, दो लैपटॉप, तीन मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। दोनों हवाला ऑपरेटरों के नाम एनआईए की जांच में सामने आए थे।

शेख की गिरफ्तारी से हुआ मामले का खुलासा
इस पूरे मामले का खुलासा औरंगाबाद के रहने वाले शेख की लखनऊ में गिरफ्तारी के बाद सामने आया था। एजेंसी ने अपनी जांच में पाया कि शेख ने अशांत दक्षिण कश्मीर में कुछ समय बिताया और सैन्य ठिकानों की तस्वीरें ली थीं।

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