अधूरी रही ‘बेटी’ के अपनों की तलाश

Muzaffar nagar Updated Tue, 06 May 2014 05:30 AM IST
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मुजफ्फरनगर। शहर के जानसठ रोड पर मिली युवती की लाश को दस दिन बाद भी ‘अपनी’ पहचान नहीं मिल सकी है। सोशल साइट्स पर लाश की फोटो देख उत्तराखंड के हरिद्वार से एक परिवार अपनी लापता बेटी की ‘उम्मीद’ में शहर पहुंचा, लेकिन लाश की ‘अंतिम निशानी’ के रूप में रखे गए कपड़े उनकी आस को मुकम्मल नहीं कर सके। वहीं, ‘बदनसीब बेटी’ की शिनाख्त की उम्मीदें भी बनते-बनते टूट गई।
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शहर के जानसठ रोड स्थित इंटर कॉलेज के पास स्थित खाली प्लाट में 26 अप्रैल की सुबह युवती की लाश पड़ी मिली थी। पुलिस ने पहले दिन मुस्तैदी दिखाते हुए लाश के फोटो सोशल साइट्स पर अपलोड किए, लेकिन इसके बाद लाश को शिनाख्त के लिए 72 घंटे तक सुरक्षित रखने के आदेशों का हवाला देते हुए पीएम हाउस में सड़ने के लिए छोड़ दिया गया। अगले दिन गांव सरवट निवासी युवती के होने की आशंका पर पुलिस ने उसके परिजनों से पूछताछ की, लेकिन वह सही-सलामत पाई गई। लाश की शिनाख्त नहीं होने पर नियमानुसार 72 घंटे बाद सड़ चुकी लाश का अंतिम संस्कार कर दिया गया। उसके कपड़े, घड़ी और अन्य चीजों को शिनाख्त के लिए अंतिम निशानी के तौर पर रख लिया गया। इसी बीच अपनी लापता बेटी की तलाश कर रहा उत्तराखंड के जनपद हरिद्वार का एक परिवार लाश के फोटो देखकर नई मंडी कोतवाली पहुंचा। वहां परिवार ने लावारिस लाश के कपड़ों और अन्य सामान को देखा, लेकिन उनकी ‘तलाश’ पूरी नहीं हो सकी। इस पर परिवार वापस हरिद्वार लौट गया। इंस्पेक्टर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि हरिद्वार से कुछ लोग लापता युवती की तलाश में लाश की शिनाख्त के लिए आए थे। लाश के सामान से वे उसकी शिनाख्त नहीं कर सके हैं।
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