कुड़ाना में जयंत चौधरी का विरोध

Muzaffar nagar Updated Fri, 25 Oct 2013 05:40 AM IST
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शामली। सांप्रदायिक दंगे में झुलसे गांवों के लोगों की पीड़ा असहनीय है। प्रदेश सरकार की तरफ से एकपक्षीय कार्रवाई किए जाने के भी कारण उनका गुस्सा चरम पर है। रालोद सांसद जयंत चौधरी को कुड़ाना में ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। एक ग्रामीण ने जयंत से पूछा कि एक महीने से तम कहां थे। चुनाव के टेम ही तुम्हें म्हारी याद आवै। चौधरी साहब मंत्री रहते कितने जाट समाजों की नौकरी लगवाई।
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कुड़ाना गांव के ग्राम पंचायत सचिवालय पर आयोजित संक्षिप्त सभा में गांव के राजेंद्र नामक ग्रामीण ने खडे़ होकर जयंत चौधरी से नाराजगी जताई। उसने कहा कि दंगे के टेम पुलिस गाम में आई, म्हारे घर से मेरे बापू को उठा ले गई, जब तम कहां थे? तमे चुनाव के टेम ही तमे म्हारी याद आवै है। 42 साल की उम्र हो गई है। अब लोक थारे सिवा किसी कू बोट णी दी ,पहले बहकावे में आ जां थे, पर अब नई पीढ़ी आ गई है, सब समझे हैं। इसलिए ही तो अब सारे में मोदी-मोदी हो रहा है। राजेंद्र के एक के बाद एक सवालों से वहां हंगामा खड़ा हो गया। जयंत समर्थक ग्रामीणों ने राजेंद्र आदि का विरोध किया, जिसे लेकर धक्कामुक्की हो गई। यह देख जयंत भी हैरान थे। उन्होंने खड़े होकर लोगों को समझाया। जयंत ने लोगों को भरोसा दिलाया कि किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। गन्ने के मुद्दे पर मेरठ से नौ नवंबर से आंदोलन शुरू किया जाएगा।
कुड़ाना में विरोध के बाद आदमपुर में जयंत का स्वागत होने से उन्हें थोड़ी राहत महसूस हुई। गांव में चौधरी महेंद्र सिंह, नरेश, वीरसैन, महावीर सिंह, हेतमपाल, योगेंद्र शर्मा, किरण सरपंच, ऋषि मुखिया, मास्टर हरवीर सिंह का सहयोग रहा। भाजू में भी जयंत चौधरी ने लोगों को इंसाफ दिलाने का भरोसा दिलाया। इस मौके पर अनुज प्रधान, रालोद जिलाध्यक्ष सत्यवीर पवार, रामकुमार वर्मा, सुनील रोहटा, वाजिद अली ,प्रमोद पटवारी, रजनीश कौरी, योगेंद्र सिंह, रधणावा मलिक, पूर्व विधायक बघरा प्रदीप बालियान, सोमपाल राठी आदि मौजूूद रहे।
जब रोने लगा गोपीचंद
शामली। कुड़ाना में जयंत चौधरी के प्रति राजेंद्र की बातों से दुखी गोपीचंद खड़ा होकर रोने लगा। जयंत ने खड़े होकर उन्हें दिलासा दी। उसने जयंत से कहा कि वह राजेंद्र की बातों का बुरा न माने। घर में बालक पिटकर आता है, तो बाप से ही तो बताता है। जयंत भी यह सब देख भावुक हो गए।
बुजुर्गों ने दिया आशीर्वाद
जयंत चौधरी को महिलाओं ने भी आशीर्वाद दिया। आदमपुर में जयंत ने गांव में चारपाई पर बैठे हुक्का गुड़गुड़ा रहे बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लिए। झाल में भी बुजुर्ग महिलाएं जयंत को आशीर्वाद देने आई।
बडे़ चौधरी के नाम पर मांगा साथ
शामली। जयंत चौधरी को इस बात का अहसास था कि दंगों के बाद देरी से आने की वजह से उनके अपनों में थोड़ी नाराजगी है। लिहाजा उन्होंने हर गांव में चौधरी चरणसिंह का नाम लेकर लोगों को पुराने दौर की याद दिलाई। कुड़ाना, आदमपुर, भाजू और कुरमाली सभी गांवों में लोगों से कहा कि आप लोगों ने हमेशा साथ दिया है। चौधरी साहब कहते हो, इसका मतलब है कि आपके दिलों में चौधरी साहब के प्रति आज भी सम्मान है, तो वह यह बिखराव क्यों? घर में एक ही चौधरी अच्छा रहता है, इसलिए हम पर विश्वास करो।
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