शामली और मुजफ्फरनगर में मलेरिया का प्रकोप

Muzaffar nagar Updated Fri, 26 Oct 2012 12:00 PM IST
मुजफ्फरनगर। वायरल के अलावा शामली और मुजफ्फरनगर में मलेरिया का प्रकोप भी बढ़ गया है। शामली जिले में अकेले सितंबर में ही मलेरिया प्लाजमोडियम फेल्सीफेरम (पीएफ) के 101 रोगी मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की नजर अब अक्तूबर की रिपोर्ट पर टिकी है। अपर निदेशक स्वास्थ्य लखनऊ को दोनों जिलों में बुखार की स्थिति से अवगत कराया गया है।
डेंगू से मुकर रहे स्वास्थ्य विभाग के लिए वायरल के साथ-साथ मलेरिया सिरदर्द साबित हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट शामली और मुजफ्फरनगर में मलेरिया की गंभीर स्थिति की ओर इशारा कर रही है। शामली जिले में जनवरी से अगस्त तक पीएफ के केवल 25 मामले सामने आए थे, लेकिन सितंबर में कैराना के 39, ऊन के 58 और कुड़ाना के चार रोगियों समेत यह संख्या 126 का आंकड़ा पार गई। तैयार की जा रही अक्तूबर की रिपोर्ट में पीएफ के रोगियों की संख्या अगर 200 के पार हो जाए तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए। मुजफ्फरनगर में जनवरी से अगस्त तक पीएफ के केवल तीन रोगी थे, लेकिन सितंबर में नए 20 रोगी सामने आने से संख्या 23 तक पहुंच गई है। अक्तूबर में अभी तक पीएफ का नया रोगी सामने नहीं आया है। जिला मलेरिया अधिकारी डा. विनय कुमार ने बताया कि डेंगू का जिले में असर नहीं है। बुखार की स्थिति पर सीएमओ के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट भेजी गई है।

फैला प्लाजमोडियम वाइवेक्स!
सामान्य बुखार (पीवी) के अभी तक मुजफ्फरनगर में 1180 रोगी सामने आए हैं। शामली में पीवी की स्थिति 784 मरीजों की है। पीवी और पीएफ दोनों ही मादा एनाफिलीज से होते हैं। इसके अलावा वायरल जिलेभर में लोगों को परेशान किए है।
क्या है पीवी और पीएफ?
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि पश्चिमी यूपी में मलेरिया को पीएफ यानि प्लाजमोडियम फेल्सीपेरम और पीवी यानि प्लाजमोडियम वाइवेक्स में बांटा गया है। पीवी के रोगियों को सामान्य श्रेणी में रखा जाता है, जबकि पीएफ को गंभीर श्रेणी का बुखार माना जाता है। इसके दिमागी बुखार में तब्दील होने की आशंका रहती है।

बिरालसी वायरल रिपोर्ट
चरथावल के बिरालसी गांव में फैले वायरल से दशहतजदा लोगों ने इसे बिरालसी वायरल का ही नाम दे डाला है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यहां कुल 689 स्लाइड तैयार की। उप जिला मलेरिया अधिकारी डा. अलका सिंह ने बताया कि गांव में मलेरिया का प्रकोप नहीं मिला। पुष्ट हो गया कि सामान्य मलेरिया के यहां केवल तीन मरीज ही मिले हैं।

रोग से बचाव के उपाय
जिला मलेरिया अधिकारी डा. विनय कुमार ने बताया कि पीएफ के रोगियों को रेडिकल ट्रीटमेंट दिए जाने का प्रावधान है। बचने के लिए आसपास सफाई का ध्यान रखें। 15 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण कराएं। झोला छाप चिकित्सकों के बजाए, तुरंत सरकारी अस्पताल में संपर्क कर ट्रीटमेंट कराएं। एकत्र पानी में मिट्टी तेल अथवा डीजल की कुछ बूंदें डाल दें।
वर्जन :
जिले के कुछ स्थानों पर वायरल का प्रकोप है। शामली में मलेरिया के अधिक मामले सामने आए थे। डेंगू का अभी कोई मामला नहीं मिला। डेंगू का जिले में ही इलाज उपलब्ध है।
डॉ वीके जौहरी, सीएमओ, मुजफ्फरनगर।

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