मुखबिरी सटीक, फिर भी नहीं पहचान सकी एसटीएफ

Muzaffar nagar Updated Thu, 27 Sep 2012 12:00 PM IST
मुजफ्फरनगर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आतंक का पर्याय बना एक लाख रुपये का इनामी धर्मेन्द्र उर्फ लाला पिछले कई दिनों से फुगाना क्षेत्र में लिए हुए था। एसटीएफ को उसकी लोकेशन लगातार इसी इलाके में मिल रही थी। लेकिन मजेदार बात यह रही कि सटीक मुखबिरी होने के बावजूद एसटीएफ इस कुख्यात को पहचान नहीं पाई। अज्ञात में ही घायलावस्था में उसे जिला अस्पताल भर्ती कराया गया।
बागपत जिले के ढ़िकौली का रहने वाला धर्मेन्द्र उर्फ लाला पांच साल से लगातार यूपी पुलिस के सिरदर्द बना हुआ था। 1999 में गांव प्रधानी की रंजिश को लेकर पहली बार पुलिस रेकार्ड में आया था। 2007 में बिजनौर में पुलिस अभिरक्षा से फरार होने के बाद से वह ताबड़तोड़ अपराध कर रहा था।
भूपेन्द्र बाफर, बदन सिंह बद्दों की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ का अगला टारगेट धर्मेन्द्र उर्फ लाला ही था। मेरठ में डिप्टी जेलर की हत्या के बाद वह मोस्ट वांटेड की सूची में शामिल हो गया था। सूत्रों के अनुसार बागपत जिले की सीमा से लगे फुगाना इलाके में शरण लिए जाने की लोकेशन काफी समय से मिल रही थी। इसी आधार पर एसटीएफ ने यहां अपना जाल बिछाया था।
बुधवार सुबह हुई मुठभेड़ में जब इनामी धर्मेन्द्र धराशायी हो गया, तो हैरत की बात यह रही कि सटीक मुखबिरी के बावजूद एसटीएफ को उसे पहचान नहीं सकी। एसटीएफ के सिपाही ने उसे घायलावस्था में जिला अस्पताल ले जाकर अज्ञात में भर्ती कराया। एसटीएफ का कहना है कि उन्हें जानकारी जरूर थी, लेकिन पूरी तरह से उसकी पहचान नहीं थी। जब परिजनों ने अस्पताल पहुंचकर शिनाख्त की तो पता चला कि एसटीएफ ने लखटकिया मार गिराया है।

आठ साल बाद देखी भाई की सूरत
फुगाना क्षेत्र के कराैंदा-खरड़ मार्ग पर मुठभेड़ में धर्मेन्द्र उर्फ लाला के मारे जाने के कुछ घंटे बाद ही गांव से उसका बड़ा भाई उम्मेद सिंह, तहेरा भाई प्रमोद और विकास आदि दुपहर के समय उसका शव लेने के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में पहुंच गए। बातचीत में भाई उम्मेद सिंह ने बताया कि एटीएम चुराकर ले जाने के बाद धर्मेन्द्र ने घर की तरफ मुड कर नहीं देखा। इस दौरान वह कहां रहा, उन्हें नहीं पता लगा। वह तो आठ साल बाद उसकी सूरत देख रहे है। उन्होंने कहा कि धर्मेन्द्र की उसकी वजह से उन्हें काफी यातनाएं झेलनी पड़ी है।

बीवी-बेटी का लगाएंगे पता
धर्मेन्द्र उर्फ लाला एक बेटी का बाप भी था। बडे़ भाई उम्मेद सिंह की माने तो उन्होंने भी सुना है कि धर्मेन्द्र ने फरारी में ही शादी रचा ली थी और उसके एक बेटी है, लेकिन वह उनसे भी नहीं मिल पाए है। अब उनका पता लगाने का जरूर प्रयास करेंगे।

तो अब सुकरमपाल होगा टारगेट
धर्मेन्द्र उर्फ लाला के बाद अब एसटीएफ का अगला टारगेट कुख्यात सुकरमपाल उर्फ भगतजी होगा। कुख्यात सुशील मूंछ के करीबियों को एक-एक कर एसटीएफ निशाने पर ले रही है। एसटीएफ सूत्रों का कहना है कि सुशील मूंछ की फिलहाल कोई लोकेशन नहीं मिल रही है। ऐसे में उसके खास बदमाशों को निशाना बनाया जा रहा है। देहरादून से भूपेन्द्र बाफर और दिल्ली से बदन सिंह बद्दो की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने धर्मेन्द्र लाला को टारगेट बनाया था। बुधवार को उसका काम तमाम करने के बाद अब धर्मेन्द्र के जिगरी दोस्त और एक लाख के ही ईनामी कुख्यात सुकरमपाल भगतजी पर एसटीएफ ने फोकस कर दिया है।

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