विज्ञापन

कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे मीट कारोबारी

Meerut Bureau Updated Tue, 06 Jun 2017 12:11 AM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे मीट कारोबारी
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। मांस बेचने के लिए लाइसेंस नहीं बनने और थानों से एनओसी जारी नहीं किए जाने पर मीट कारोबारियों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर धरना दिया।
मीट कारोबारियों का कहना था कि सरकार ने जिस प्रकार से लाइसेंस लेने के लिए एफएसडीए विभाग को गाइड लाइन दी। उसी के अनुसार उन्होंने अपनी दुकानों को मॉडिफिकेशन करा लिया है। इसके बाद विभाग में थोक और फुटकर लाइसेंस लेने के लिए आवेदन किए गए हैं। नियमानुसार लाइसेंस के लिए निकायों और थानों से एनओसी अनिवार्य है। निकायों से एनओसी जारी की जा चुकी है, लेकिन जनपद में कहीं भी थानों से एनओसी नहीं दी जा रही है। इससे विभाग में लाइसेंस भी अधर में लटक गए हैं। लाइसेंस नहीं मिलने के कारण वो कारोबार शुरू नहीं कर पा रहे हैं। कारोबारियों ने डीएम से मीट लाइसेंस के लिए थानों से एनओसी जारी कराए जाने की मांग की। धरने पर कारी खालिद, हाजी इनायत अली, अमीर आजम, हाजी नफीस, हाजी सरफराज, मुहम्मद इस्लाम, मौहम्मद अमजद, मौहम्मद शमशाद आदि शामिल रहे।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Chandigarh

जज की जिम्मेदारी है, वह कैसे भूल सकता है जजमेंट में ड्रग का नाम व मात्रा लिखवाना: हाईकोर्ट

एनडीपीएस की विशेष अदालत की जिम्मेदारी जिस जज पर हो, वह जजमेंट में ड्रग की मात्रा व ड्रग का नाम लिखना कैसे भूल सकता है? हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की।

23 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

हर बुर्के के पीछे नहीं होता खूबसूरत चेहरा, CCTV में कैद हुईं ऐसी तस्वीरें

मुजफ्फरनगर में एक बुर्के वाली महिला का ऐसा चेहरा सामने आया है जिसे देख आप भी हैरान हो जाएंगे। महिला सर्राफा की दुकान पर गहने खरीदने आई थी लेकिन सीसीटीवी में उसका असली चेहरा बेनकाब हो गया। देखिए ये रिपोर्ट।

21 सितंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree