पॉजिटिव सोच बना देगी आपको कोरोना नेगेटिव

Moradabad  Bureauमुरादाबाद ब्यूरो Updated Mon, 13 Jul 2020 02:03 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
मुरादाबाद। कोरोना की दहशत के बीच सकारात्मक सोच ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है। जाने एवं अनजाने में आप किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आ भी गए हैं तो पॉजिटिव रहिए। किसी संक्रमित के संपर्क में आ जाने भर से ही केवल आप संक्रमित नहीं हो जाते। उसके आपके संपर्क में आने के दौरान आप दोनों के साथ रहने की अवधि, किसी तरह के ड्रॉपलेट का आप तक पहुंचना निर्भर करता है। नेगेटिव विचार मन में न आने दें। सकारात्मक सोचें। पॉजिटिव रहेंगे तो कोरोना नेगेटिव रहेंगे। यदि पॉजिटिव आ भी जाएं तक भी घबराने की जरूरत नहीं है। अब कोरोना पॉजिटिव का रिकवरी रेट तेजी से सुधरा है। 64 फीसदी तक मरीज जल्द ही कोरोना नेगेटिव हो जा रहे हैं।
विज्ञापन

आपके लिए जानना जरूरी है कि मुरादाबाद में संक्रमण का खतरा जरूर है, लेकिन 96.48 फीसदी आशंकित लोगों की सैंपल रिपोर्ट नेगेटिव आई है। मात्र 3.52 फीसदी लोग ही संक्रमित हैं। मुरादाबाद में 19153 लोगों के कोरोना सैंपल हो चुके हैं। इनमें अधिकतर वो लोग हैं जिनके परिवार और नजदीकी संपर्क में संक्रमित मिले हैं। इसके बाद भी 17073 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जिले में अब तक 701 संक्रमित मिल चुके हैं। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में 676 पॉजिटिव हैं। 25 मरीज मुरादाबाद के अस्पतालों में इलाज के दौरान संक्रमित आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बाहरी जिलों के पॉजिटिव मरीजों को मुरादाबाद के आंकड़ों में शामिल नहीं किया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं, 19153 सैंपल में मात्र 676 पॉजिटिव यानी कि 3.52 फीसदी पॉजिटिव हैं। बाकी 96.48 फीसदी नेगेटिव आए हैं।
सीएमओ डा. एमसी गर्ग बताते हैं कई लोग सैंपल देने से घबरा रहे हैं। सैंपल का मतलब पॉजिटिव नहीं है। संक्रमण की रोकथाम के लिए आशंकित मानकर सैंपल लिए जा रहे हैं। कुछ ही लोगों के सैंपल पॉजिटिव आ रहे हैं। पॉजिटिव आने वाले मरीज भी जल्दी ठीक हो रहे हैं। मुरादाबाद में 433 मरीज स्वस्थ्य होकर घर जा चुके हैं। रिकवरी का औसत 64 फीसदी है। 60 साल से नीचे की उम्र के मरीजों ने हफ्ते भर में ही रिकवरी की है। संक्रमितों में करीब 30 फीसदी मरीज मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य बीमारियों से भी पीड़ित हैं। इसके बाद भी उनकी मजबूत इच्छाशक्ति ने कोरोना को मात दी है। सीएमओ का कहना है कि मुरादाबाद में संक्रमित मरीजों की मृत्यु दर करीब चार फीसदी है। मरने वालों में अधिकतर उम्रदराज, गंभीर बीमारियों से पीड़ित और कमजोर इम्युनिटी वाले शामिल हैं।
कोविड 19 अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. संजीव बेलवाल बताते हैं, कोरोना से डरने के बजाए मुकाबला करने की जरूरत है। सैंपल रिपोर्ट भले कैसी भी आए सकारात्मक रहना है। कोरोना की दवा नहीं है। सिर्फ लक्षणों के आधार पर मरीजों को दवा दी जाती है। 80 फीसदी मरीजों में कोई लक्षण नहीं हैं, लिहाजा उनको लक्षणों के आधार पर दी जाने वाली दवा भी नहीं दी जा रही है। अस्पताल में आराम और हेल्दी डाइट से मरीज अपने आप स्वस्थ हो रहे हैं। मरीजों को पॉजिटिव सोचने की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us