रोटरी क्लब संवारेगा 232 लोगों की जिंदगी

Moradabad Updated Mon, 05 May 2014 05:30 AM IST
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मुरादाबाद। दो सौ बत्तीस लोगों का कृत्रिम अंगों के जरिए जिंदगी का नया सफर शुरू होगा। वह खुद के पैरों पर खड़े हो सकेंगे और जमाने के साथ कदम मिलाते हुए आगे बढ़ सकेंगे। विकलांगों की जिंदगी को सजाने संवारने का यह संयुक्त प्रयास है रोटरी अंतर्राष्ट्रीय से जुड़े रोटरी क्लब संस्कृति, सिविल लाइंस एवं नवीन का।
रविवार को दूसरे दिन भी होटल मानसरोवर पैराडाइज में चल रहे रोटरी के शिविर में 292 विकलांगों का परीक्षण किया गया। नि:शुल्क जयपुर फुट एवं पोलियो कैलिपर्स के इस जांच शिविर में रविवार को 63 पोलियो कैलिपर, 42 कृत्रिम हाथ पैर, 13 ट्राई साइकिल, 16 बैसाखी, 5 को व्हील चेयर के लिए चिह्नित किया गया है। इससे पहले शनिवार को 93 लोगों को कृत्रिम अंग और उपकरण देने के लिए चिह्नित किया गया था। खास बात यह है कि रोटरी ने विकलांगों को कृत्रिम अंग प्रदान करने के लिए ऐसी ग्रामीण संस्था से हाथ मिलाया है जिसके मुखिया जयप्रकाश प्रजापति सहित चार कार्यकर्ता स्वयं विकलांगता के शिकार हैं और रोटरी की सहायता से अपने पैरों पर खड़े होने के बाद अब विकलांगों के लिए कृत्रिम अंग निर्माण का काम कर रहे हैं। रविवार को शिविर का शुभारंभ राकेश सिंघल ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस आयोजन में प्रथमा बैंक, रोटरी फाउंडेशन एवं रोटरी अंतर्राष्ट्रीय मंडल 9780 (आस्ट्रेलिया) एवं रोटरी अंतर्राष्ट्रीय मंडल 3630 (दक्षिण कोरिया) का विशेष योगदान है। शिविर में डा. पल्लव अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, विकास चंद्र अग्रवाल, मुदित अग्रवाल, गुरमीत सिंह, एमएल गर्ग, गौरव गुप्ता, एएन पाठक, नीरज रस्तौगी, मुकेश त्रिवेदी, दिनेश चंद्रा, जेएन मेहरा आदि मौजूद रहे।
11 को हसनपुर में लगेगा शिविर
डीआरएफसी डा. पल्लव अग्रवाल ने बताया कि 11 मई को इसी तरह का एक शिविर 11 मई को हसनपुर में लगाया जाएगा जहां विकलांगों की जांच होगी। जरूरतमंदों को कृत्रिम अंग एवं उपकरण मुहैया कराए जाएंगे।

जर्मन राइफल से लगेंगे मिनी के सपनाें को पंख
मुरादाबाद। होटल मानसरोवर पैराडाइज में चल रहे विकलांग जांच शिविर के दौरान शूटर मिनी देओल को शूटिंग के लिए जर्मन मेड राइफल भेंट की गई। इस राइफल को पाकर मिनी देओल के सपनों को पंख लग गए। इंडिया कैंप की तैयारी कर रही मिनी ने कहा कि यह राइफल उसे शूटिंग के फलक पर पहुंचाने में मददगार बनेगी। मिनी देओल के कोच मुकुल टंडन ने कहा कि अपनी राइफल होने से खिलाड़ी को प्रैक्टिस करने के लिए अधिक समय मिलता है और नेशनल एवं इंटरनेशनल मुकाबलों के लिए खुद की राइफल जरूरी होती है। मिनी देओल ने अभी तक शूटिंग में 15 गोल्ड, 4 सिल्वर और 1 कांस्य पदक जीता है। इसी के साथ शूटिंग खिलाड़ी कनक चौधरी और उमा सैनी को भी मिनी देओल के साथ सम्मानित किया गया। राइफल मुहैया कराने में डा. पल्लव अग्रवाल, डा. विनोद अग्रवाल, डा. शलभ, डा. अनुराग, डा. अजय जैन, मुन्ना भाई, दिनेश चंद्रा एवं अंशुल का विशेष योगदान रहा।
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