बेटी ही बचाएगी पर बोले अधिकारी

Moradabad Updated Sat, 25 Jan 2014 05:52 AM IST
- जहां रहें वहां बेटी को संरक्षित करने के लिए लोगों को प्रेरित करें। यह संकल्प एक दिन और इस मैदान पर ही न रुके। छात्र छात्राएं, अध्यापक, सामाजिक कार्यकर्ता और शहरवासी अमर उजाला के इस पुनीत अभियान से प्रेरणा लें। अपने आसपास मौजूद रहने वाले लोगों से बेटी के महत्व पर चर्चा करें। प्रत्येक व्यक्ति की व्यक्तिगत सहभागिता से बेटी भी बेटों की तरह आगे बढ़कर घर, परिवार, समाज और देश के विकास में बराबर की सहभागी बन सकेगी। एसएस सिंह मंडलायुक्त

- अमर उजाला की यह पहल बेहद सराहनीय है। इस प्रयास को मिलकर समाज में आगे बढ़ाएं। बेटियाें से ही परिवार है, समाज है और देश एवं दुनिया है। पढ़ी लिखी बेटियाें से ही पढ़ा लिखा समाज आगे बढ़ता है। बेटियों के जन्म पर खुशियां मनाएं। आईजी पीएसी ब्रजभूषण

- बिना बेटी के कोई भी समाज आगे नहीं बढ़ सकता। सभी को चाहिए कि बेटों की तरह ही बेटियों का भी पालन पोषण करें। समाज में होने वाले किसी भी परिवर्तन में युवाओं की अहम भूमिका होती है। आज मैदान में जो बच्चे संकल्प ले रहे हैं वह अपनी जिंदगी में हमेशा बेटियों को संरक्षित करने के प्रयास करते रहें। लोगों को जागरूक बनाने की अपनी जिम्मेदारी निभाते रहें। डीआईजी दुर्गा चरण मिश्र

- बेटी ही बचाएगी मुहिम चलाकर अमर उजाला सामाजिक हित में बहुत महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। समाज में बेटियों को लेकर सोच बदलने की जरूरत है। शासन प्रशासन स्तर पर दशकों से प्रयास चल रहा है। सामाजिक अभियानों से जुड़े लोगों की बड़ी जिम्मेदारी है कि वह प्रचार प्रसार करते रहें। हर किसी के सहयोग से बेटी को संरक्षित करने की यह मुहिम सफलता के मुकाम तक पहुंचेगी। एसएसपी आशुतोष

- बेटी बचाने के लिए आयोजित यह संकल्प दिवस मुरादाबाद के लिए मील का पत्थर साबित होगा। जिगर मंच के मैदान पर मौजूद जन सैलाब इस बात का गवाह है कि बेटी को लेकर सोच में तेजी से बदलाव हो रहा है। समाज में हर दिशा में बेटियों का आज महत्वपूर्ण योगदान है। बेटों की तरह ही बेटियां माता पिता और परिवार के साथ समाज के प्रति अपने दायित्व को बखूबी निभा रही हैं। अमर उजाला को इस अभियान के लिए धन्यवाद। मेयर बीना अग्रवाल

- नवरात्रि में बेटियों की पूजा होती है। जिस घर में बेटी नहीं होती वहां रौनक नहीं होती। बेटियों से यह जहां कायम है। सड़कों पर बेटियों के साथ छेड़छाड़ शर्म की बात है। लोगों को चाहिए कि किसी भी बेटी के साथ छेड़छाड़ करने वालों का खुलकर विरोध करें। बेटियों को जन्म लेने दें और बेटों की तरह पढ़ाएं लिखाएं आगे बढ़ाएं। पादरी पाल सारस्वत

- पांच साल पहले मुरादाबाद में लिंगानुपात प्रति हजार लड़के में 906 लड़कियां था। निरंतर प्रयास और सबकी सहभागिता से आज प्रति हजार लड़कों पर 975 लड़कियों का अनुपात हो गया है। यह सब जनजागरूकता का नतीजा है। अमर उजाला ने बेटी बचाने की बेहतर पहल की है जिसमें समाज के सभी लोगों को इसी तरह अपने आसपास बेटी बचाने में अपनी जिम्मेदारी निभाने की जरूरत है। एसीएमओ डा. रंजन गौतम

- बेटी समाज की नींव है। बेटी के बिना समाज की परिकल्पना ही नहीं की जा सकती। बेटी के प्रति समाज में कायम सोच को बदलने के लिए अमर उजाला की इस पहल की जितनी तारीफ की जाए वह कम है। वास्तव में यह किसी एक की नहीं बल्कि समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह आगे बढ़कर इस मुहिम से जुड़े। समाजशास्त्री डा. विशेष गुप्ता

Spotlight

Most Read

Chandigarh

हरियाणाः यमुनानगर में 12वीं के छात्र ने लेडी प्रिंसिपल को मारी तीन गोलियां, मौत

हरियाणा के यमुनानगर में आज स्कूल में घुसकर प्रिंसिपल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मामले में 12वीं के एक छात्र को गिरफ्तार किया गया है।

20 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी के इस शहर में घुस आया तेंदुआ

मुरादाबाद से लगे अगवानपुर में एक तेंदुए के घुस आने से लोगों में दहशत फैल गई।

19 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper