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केजीके कालेज में लैब असिस्टेंट पर हमला

Moradabad Updated Tue, 12 Feb 2013 05:31 AM IST
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मुरादाबाद। केजीके कालेज में खुलेआम गुंडागर्दी की और वारदात हुई। मार्कशीट न देने पर कालेज के एक छात्रनेता ने लैब असिस्टेंट पर हमला कर दिया। लात-घूंसों से बुरी तरह पीटा। इससे कालेज में अफरातफरी मच गई। घटना के बाद आरोपी धमकी देते हुए फरार हो गए। बताया जा रहा है कि उन्होंने लैब सहायक पर समझौते के लिए दबाव भी बनाया। आरोपी छात्रनेता सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष का भतीजा है। मामले में कालेज प्रशासन का रवैया इस बार भी उदासीन रहा।
भूगोल विभाग में लैब सहायक सुमित कुमार पुत्र कुंवरपाल मार्कशीट का वितरण कर रहा था। एक युवक एमए प्रथम वर्ष की छात्रा की मार्कशीट लेने आया। सुमित ने उससे प्रवेश पत्र और एंट्री दिखाने को कहा तो वह भड़क गया। पहचान पत्र दिखाने की बजाए उसने छात्रनेता दुष्यंत यादव को फोन करके बुला लिया। आरोप है कि दुष्यंत अपने साथियों को लेकर पहुंच गया और दबाव बनाने लगा। लेकिन सुमित ने मार्कशीट देने से साफ मना कर दिया। इसके बाद दुष्यंत ने सुमित को पीटना शुरू कर दिया। उसके साथियों ने भी लात घूंसे चलाए। विरोध करने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। किसी प्रकार साथी कर्मचारियों ने सुमित को बचाया।

इसके बाद सुमित ने प्राचार्य और चीफ प्राक्टर से शिकायत की। घटना से कर्मचारियों ने कालेज में घंटों हंगामा काटा। राजनीतिक दलों के लोग भी इकट्ठा हो गए। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। लेकिन कालेज प्रशासन ने सुनवाई नहीं की। शाम को लैब असिस्टेंट ने मझोला थाने पहुंचकर तहरीर दी। बाद में छात्र नेता की ओर से भी पुलिस से शिकायत की गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। एसओ ने बताया कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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कालेज कर्मचारी के साथ मारपीट करना गंभीर घटना है। लैब सहायक ने दुष्यंत और चार युवकों के खिलाफ शिकायत की है। मंगलवार को इस मामले में बैठक बुलाई गई है। आगे की कार्रवाई का निर्णय तभी होगा।-- डा. उपदेश चौहान, चीफ प्राक्टर केजीके कालेज
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गुंडागर्दी का अखाड़ा बना कालेज
- कालेज प्रशासन हर घटना के बाद खामोश
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। केजीके कालेज छात्र नेताओं की दादागिरी और शिक्षकों की राजनीति का अखाड़ा बन गया है। अनुशासन के नाम पर केवल बयानबाजी हो रही है। सोमवार को घटना के बाद प्राचार्य कक्ष में बैठकर शिक्षक एक दूसरे पर आरोप मढ़ते रहे। कई बार उनमें हाथापाई की स्थिति भी बनी।
विदित हो कि पिछले महीने हुई विधि की परीक्षा में भी यहां खुलेआम नकल हुई। एक छात्रनेता तो परीक्षक के सामने ही छात्र को गेस पेपर देने पहुंच गया। मना करने पर कक्ष निरीक्षक को धमकी दे डाली। प्राचार्य से शिकायत करने के बाद भी उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। विधायक के भतीजे ने भी यहां जमकर धौंस दिखाई। दो सप्ताह पूर्व कालेज में बाहरी युवकों के दो गुट आपस में भिड़ गए थे। इस मामले में भी कालेज प्रशासन मौन बना रहा।
यही नहीं, कालेज के आसपास छात्राओं से अक्सर छेड़छाड़ की भी घटनाएं होती रहती हैं। छात्रनेता और उनके गुर्गे आसपास के दुकानदारों पर भी रौब जमाते हैं। पिछले दिनों एक मामले में दुकानदार ने मझोला थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया था।
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अपनी बहन की मार्कशीट लेने के लिए एक छात्र कालेज पहुंचा था। क्लर्क ने कहा कि वह उसे मार्कशीट नहीं दे सकते। छात्र ने फोन पर मेरी बात कराई तो मैंने कह दिया कि मैं छात्र को जानता हूूं, मेरी गारंटी पर दे दो। लेकिन वह उल्टा सीधा बोलने लगा। छात्र से कहा कि जब तक ढाई सौ रुपये नहीं दोगे, मार्कशीट नहीं दूंगा। जब मैं कालेज पहुंचा तो उसने मेरे साथ बद्तमीजी शुरू कर दी। मारपीट का आरोप झूठा है।-- दुष्यंत यादव, छात्रनेता

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