बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
TRY NOW

मुरादाबाद की गलियों में छाएगी

Moradabad Updated Sun, 14 Oct 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें

विज्ञापन

मुरादाबाद। वैसे तो नवराते में नौ दिन घरों से लेकर देवी पांडालों तक धूम रहती है, लेकिन देवी पूजा के लिए प्रसिद्घ बंगाली संस्कृति में पष्ठमी को देवी की प्रतिमा स्थापना के साथ नवरात्रि शुरू होगी। इस दौरान बंगाली संस्कृति महानगर की गलियों में नवराते की ज्योति जगाएगी। बंगाली मान्यतानुसार सप्तमी को देवी तीन दिन के लिए मायके आती हैं और इस दौरान उत्सव की पराकाष्ठा रहती है। अष्टमी के दिन धुलोचि आरती में बच्चों से बूढ़े तक हांथ एवं मुंह में अंगारे भरा मिट्टी का पात्र दबाकर नृत्य करते हुए आरती करेंगे जो बेहद दर्शनीय होगा।
महानगर में करीब सौ बंगाली परिवार हैं। नवराते में एकजुट होकर यह सभी उत्सव का आनंद उठाएंगे। एके बनर्जी ने बताया 20 अक्टूबर को प्रतिमा स्थापना संग षष्ठी पूजा होगी। बंगाली संस्कृति में सप्तमी के दिन प्राण प्रतिष्ठा होगी। मान्यता है कि देवी सप्तमी से नवमी तक मायके में रहती हैं। यूके सरकार एवं निवेदिता सरकार ने बताया महाष्टमी को रात 12.17 बजे से रात रात 1 बजे तक संधि पूजा होगी, जिसमें 9 वर्ष से कम आयु वाली लड़कियां जोड़े में बिठाई जाएंगी। देवी को प्रसन्न करने के लिए इन बच्चियों को सभी बंगाली परिवार अपनी सामर्थ्य अनुसार दान देंगे। संधि पूजा ब्राह्मण एवं ब्राह्मण परिवार की सुहागिन महिलाएं ही करेंगी। धुलोचि आरती में विशेष प्रकार का इत्र एवं कुछ ऐसी सामग्री अंगारों पर डाली जाती है जिससे पूरे परिसर में सुगंधित धुएं की महक माहौल को अलौकिक बना देती है। दशमी को बंगाली परिवार रामगंगा में देवी को विसर्जित करते हुए ससुराल विदा करेंगे। मान्यता है कि सच्चे मन से इस दौरान मांगी गई मान्यता देवी पूरा करती हैं। कांशीराम कालोनी में बंगाली पूजा के लिए मूर्तियों को अंतिम रूप देने में कलाकार जुटे हैं।


दुर्गापूजा उत्सव की विशेषताएं
- मान्यतानुसार तीनों दिन घरों में बनती मछली या मीट
- अष्टमी को प्रत्येक बंगाली व्यक्ति नए कपड़े पहनेंगे
- अष्टमी सुबह बिना कुछ खाए-पिए पुष्पांजलि पूजन
- नवमी शाम में आरती के बाद घरों पर मछली या मीट बनेगा
- दशमी के दिन प्रत्येक बंगाली परिवार घर से मछली या मीट खाकर करेगा देवी पूजन
- प्रतिमा विसर्जन उपरांत देवी पांडालों पर शांतिजल छिड़क जाएगा
- पांचों दिन देवी पांडाल में सुबह भक्तों को भंडारे में प्रसाद मिलेगा

यहां होगी बंगाली देवी पूजा
लाइनपार, शहनाई मंडप, कांशीराम कालोनी, विश्नोई धर्मशाला, सांवलदास धर्मशाला

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X