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परिवार को बंधक बनाकर एक लाख का डाका

Moradabad Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
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पाकबड़ा। कस्बे के भूड़ मोहल्ले में आधा दर्जन सशस्त्र बदमाशों ने एक परिवार को बंदूक की नोक पर बंधक बनाकर करीब एक लाख रुपये की नगदी और जेवर लूट लिया। बदमाश दीवार फांदकर दाखिल हुए थे। विरोध करने पर उन्होंने परिवारवालों के साथ मारपीट भी की। हैरत की बात यह रही कि पुलिस ने घटना के बाद थाने पहुंचे पीड़ित परिवार की रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की। उन्हें तहरीर लेकर भगा दिया।
भूड़ मोहल्ला निवासी हारुन पुत्र अलाउद्दीन पीतल फर्म में काम करते हैं। बीती रात घर पर उसका बेटा शाहरुख, उसकी पत्नी जरीना कमरे में सो रहे थे। रात करीब दो बजे आधा दर्जन सशस्त्र हथियारबंद बदमाश घर की दीवार कूदकर घुसे। सबसे पहले उन्होंने बाहर सो रहे गृहस्वामी हारुन को गनप्वाइंट पर लेकर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद हारुन से ही शाहरुख और उसकी पत्नी को आवाज दिलाकर दरवाजा खुलवाया। जैसे ही शाहरुख ने दरवाजा खोला, बदमाशों ने दोनों को पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद पूरे परिवार को बंधक बनाकर एक कमरे में बंद कर दिया और घर में रखे 30 हजार रुपये नगद, दो तोले सोना, आधा किलो चांदी के जेवर लूट ले गए।

हारुन ने बताया कि उसके बेटे की शादी आठ माह पहले ही हुई थी। उसकी पत्नी के पूरे जेवर चले गए। घटना के बाद आसपास के लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बदमाशों की तलाश शुरू की, लेकिन पता नहीं चला। पीड़ित गृहस्वामी ने तहरीर दी, लेकिन पुलिस मामले की लीपापोती में लगी रही। रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
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पीड़ितों को परेशान कर रही पुलिस
- डकैती की रिपोर्ट भी दर्ज नहीं करती
- पिछली घटनाएं अब तक अनसुलझी
अमर उजाला ब्यूरो
पाकबड़ा। पुलिस डकैतों की मददगार और पीड़ितों के लिए परेशानी का सबब बनी है। डकैती की रिपोर्ट दर्ज करने के बजाए पुलिस मामलों को लूट या चोरी में दर्ज करने की कोशिश में लगी है। डेढ़ माह पूर्व हकीमपुर गांव में पड़ी डकैती का भी खुलासा अब तक नहीं हो सका। वहीं इस मामले में भी तहरीर लेकर फरियादियों को टरका दिया गया।
पिछले दिनों गुमसानी गांव में कई घरों में एक साथ हुई डकैती की रिपोर्ट अब तक दर्ज नहीं हुई। सैदंरी गांव में हुई डकैती की घटना को भी पुलिस ने आपसी रंजिश का रूप दे दिया और अब तक घटना में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। वहीं हकीमपुर गांव में राशन डीलर के घर से बदमाश दस लाख रूपये का माल लूट कर ले गये थे। उसकी बेटी अभी तक अस्पताल में है। लेकिन पुलिस मौन है। बदमाशों को गिरफ्तार करना तो दूर, उनकी पहचान तक नहीं करा पाई।
उधर, कस्बे में कुछ समय पूर्व किन्नरों के घर को भी बदमाशों ने निशाना बनाकर 15 लाख रुपये से ज्यादा का माल लूट लिया था। पुलिस इस घटना को भी पचा गई। अधिकारी लगातार समीक्षा बैठक कर रहे हैं, लेकिन इन घटनाओं पर भी किसी का ध्यान नहीं है। याद करें तो भसोड़ा गांव की किसी भी डकैती की रिपोर्ट पुलिस ने दर्ज नहीं की। बदमाश पुलिस की इस लापरवाही का खूब फायदा उठा रहे हैं। मामले में एसओ से बात करने की कोशिश की, लेकिन उनका फोन नहीं मिला।

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