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प्रशिक्षकों ने रोकी खेलों की रफ्तार

Moradabad Updated Tue, 19 Jun 2012 12:00 PM IST
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मुरादाबाद। अंशकालिक प्रशिक्षकों की नियुक्ति में हो रही देरी ने आखिरकार खेलों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। नवीन खेल सत्र शुरू हुए तीन माह बीतने की कगार पर हैं, लेकिन सोनकपुर स्टेडियम के बैडमिंटन, जूडो, वॉलीबॉल, कुश्ती, एथलेटिक्स, ताइक्वांडो, फुटबॉल, खो-खो, हॉकी आदि कुल 11 खेलों में से आठ में एक भी खिलाड़ी नहीं आया। खेल संघ भी इन हालातों पर चुप्पी साधे हैं।
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अंशकालिक खेल शिविरों की शुरुआत अप्रैल में होनी थी, लेकिन इस बार अधिकारी हीलाहवाली करते रहे। अप्रैल के अंत तक शासन ने प्रशिक्षकों की नियुक्ति पर कोई ध्यान नहीं दिया। सरकार बदलने से निदेशालय स्तर पर भी बदलाव हुआ। नए निदेशक ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद किसी प्रकार प्रशिक्षकों की चयन प्रक्रिया शुरू कराई। मई में लखनऊ में प्रदेश भर के एनआइएस कोच और राष्ट्रीय खिलाड़ियों का ट्रायल आयोजित किया गया। लेकिन इसी दौरान निकाय चुनाव की आचार संहिता ने अड़ंगा लगा दिया। सूत्रों की मानें तो शासन स्तर पर कोचों की चयन सूची तैयार हो चुकी है, लेकिन अधिकारी आचार संहिता के डर से इसे जारी नहीं कर रहे। इससे अंशकालिक खेल शिविरों का आयोजन ठंडे बस्ते में चला गया।
खेल शिविर न होने से स्टेडियम के सभी खेलों में खिलाड़ियों की संख्या भी नहीं दिखाई दे रही। एथलेटिक्स, ताइक्वांडो व क्रिकेट को छोड़ किसी भी खेल में पंजीकरण नहीं हुआ। अब जुलाई में ही सूची जारी होने की उम्मीद है। लेकिन तब शैक्षिक सत्र शुरू हो जाएगा। नतीजा गर्मी की छुट्टियों में अपनी खेल प्रतिभा निखारने के सपने संजो रहे सैकड़ों बच्चों की उम्मीदें खत्म हो गईं। आरएसओ ऊषा लाल ने बताया कि जुलाई में कोच आ जाएंगे। इसके बाद निश्चित ही खिलाड़ियों की संख्या बढ़ेगी।
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