झूठी एफआईआर लिखाने में फंसीं एई की पत्नी

Moradabad Updated Mon, 18 Jun 2012 12:00 PM IST
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मुरादाबाद। रायफल लूट की फरजी रिपोर्ट लिखाकर पुलिस को छकाने वाली एई डीआरडीए की पत्नी नीलम चंद्रा पर कानूनी फंदा कस गया है। तफ्तीश के बाद पुलिस ने इस केस को झूठा मानते हुए एफआर लगा दी थी। जिसे एई की पत्नी ने कोर्ट में चुनौती दी थी। सीजेएम ने इस प्रोटेस्ट को खारिज करने के साथ ही झूठी रिपोर्ट लिखाने पर एई की पत्नी और गवाहों के खिलाफ धारा 182 के तहत प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया है।
डीआरडीए के बहुचर्चित एई उमेश चंद्र गुप्ता की पत्नी नीलम चंद्रा ने फरवरी माह में सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराई इस एफआईआर में अपने जेठ प्रथमा बैंक के सीनियर मैनेजर सुभाष चंद्र गुप्ता, नई दिल्ली स्थित एम्स में चिकित्सक अपने देवर डा. अवधेश कुमार, तुषार, राजेंद्र पाल, मुनीष और राजेश चंद्रा को नामजद किया था। इन सभी पर 29 जनवरी को रात करीब साढ़े आठ बजे एई के घर में घुसकर हमला करने और एई की लाइसेंसी रायफल लूट ले जाने का आरोप था। रिपोर्ट कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई थी। पुलिस ने कथित तौर पर लूटी गई रायफल को एई के ही अलीगढ़ स्थित घर से बरामद किया था। इसके बाद केस को एफआर कर दिया गया। जिस पर नीलम ने सीजेएम कोर्ट में प्रोटेस्ट दाखिल किया। प्रोटेस्ट पर फैसला सुनाते हुए सीजेएम अब्दुल जमील ने अपने आदेश में कहा है कि पक्षकारों के मध्य जमीनी विवाद है और पुलिस द्वारा प्रेषित एफआर से मैं संतुष्ट हूं। लिहाजा एफआर स्वीकार कर प्रोटेस्ट खारिज किया जाता है। इसके साथ ही सीजेएम ने पुलिस द्वारा एई की पत्नी नीलम चंद्रा और एफआईआर के गवाहाें भूपेंद्र सिंह और कुंवरपाल निवासी भीतखेड़ा मूंढापांडे के खिलाफ धारा 182 भा.द.स. के अंतर्गत प्रस्तुत परिवाद को प्रकीर्ण वाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है।
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