विवादित डीआईओएस का तबादला

Moradabad Updated Fri, 08 Jun 2012 12:00 PM IST

अमरोहा। लंबे अरसे से जिले में डटे जिला विद्यालय निरीक्षक का तबादला कर दिया गया। हालांकि उनके स्थानांतरण का आदेश को लेकर विवाद भी खड़ा हो गया है। तबादले के 15 दिन बाद भी उनका आदेश नहीं पहुंचा है। इसके अलावा उनकी ड्यूटी भी स्थानीय निकाय चुनाव में लगा दी गई है। जबकि उनके खिलाफ कई मामलों में जांच चल रही थी। कई मामलों में वे दोषी भी पाए गए थे। उन्हें उप प्राचार्य डायट नर्वल कानपुर नगर के पद पर कर दिया गया है।
2007 में डीआईओएस नियुक्त हुए पीके उपाध्याय विभिन्न मामलों को लेकर चरचा में रहे हैं। 20 दिसंबर 2010 को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष डा. नेपाल सिंह ने डीआईओएस पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत कर सरकार से जवाब मांगा था। 11 नंवबर 2011 को तत्कालीन शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया था कि डीआईओएस के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई है। सपा के सत्ता संभालते ही उन्होंने इस प्रकरण में हुई जांच और कार्रवाई की रिपोर्ट सदन में रखने को कहा। गुरुवार को सदन में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने वक्तव्य में संयुक्त निदेशक द्वादश मंडल जांच में आरोप पत्र लगाने के बाद 25 मई 2012 को डीआईओएस का तबादला उप प्राचार्य डायट नर्वल कानपुर नगर में करने का दावा किया। मुख्यमंत्री के वक्तव्य के बाद पुन: नेता प्रतिपक्ष डा. सिंह ने जानकारी दी कि कि बारह दिन बाद भी स्थानांतरण आदेश नहीं पहुंचा है।


सीएम ने जांच सौंपी
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लिखित वक्तव्य में सदन को बताया कि डीआईओएस के खिलाफ जेडी के आरोप पत्र समेत अन्य मामलों की जांच के लिए अपर राज्य परियोजना निदेशक(राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान) सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह को नामित किया गया है।



डा. नेपाल सिंह (नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद)
तीन साल से लड़ी जा रही लंबी लड़ाई न्याय की जीत है। वर्षो से एक ही जनपद पर डटे डीआईओएस कई बार अपने रसूखों और हथकंडो का इस्तेमाल कर कार्रवाई से बचते रहे। मुख्यमंत्री का भ्रष्ट और दागी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय स्वागत योग्य व सराहनीय है। कार्रवाई संबंधी फाइल सभापति के पटल तक पहुंच चुकी है। तबादला आदेश कहां रुका है और क्रियान्वयन क्यों नहीं हुआ इसके लिए सीएम से मुलाकात करूंगा।


नसीहत के तौर पर जाएगा आदेश
माध्यमिक शिक्षक एवं कर्मचारी उत्पीड़न विरोधी मोरचा ने डीआईओएस प्रकरण पर सरकार के फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए इसे मुख्यमंत्री का सराहनीय कदम बताया है। आवास पर बैठक में प्रदेश संयोजक राजीव शुक्ला ने डीआईओएस के जनपद में आखिरी दो साल के कार्यकाल की भी जांच की मांग की है। बैठक में सुधीर पाठक, आलोक यादव, विनोद यादव, रियासत अली, नईम अमहद, नदीम अहमद, पवन शर्मा, अरविंद शर्मा, हरपाल सिंह, अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।

तबादले से संबंधित मामला संज्ञान में नहीं आया है। जिला विद्यालय निरीक्षक से संपर्क नहीं हो पा रहा है। संबंधित पत्रावली के संबंध में विभागीय जानकारी मांगी जा रही है।
रंजन कुमार (जिलाधिकारी जेपीनगर)

स्थानांतरण की जानकारी मिल चुकी है। हालांकि मेरे पास आदेश नहीं आया है। आचार संहिता लागू है और उनकी ड्यूटी भी चुनाव में लगी हुई है। अब उन्हें रिलीव करने के लिए जिलाधिकारी से बात की जा रही है।
रमेश कुमार, संयुक्त निदेशक द्वादश मंडल

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